सूत्राें के मुताबिक पंवार ने डब्लूआईसी क्लब में रकम देखने की कोशिश की थी, लेकिन कैमरे होने का तर्क देकर उन्हें बैग नहीं खोलने दिया गया। मैनेजर ने बैग पार्किंग में खड़ी पंवार की गाड़ी तक पहुंचाया। क्लब से निकलते ही राजपुर रोड पर पहले से तैयार खड़े पुलिसकर्मियों ने आचार संहिता की आड़ में उनसे बैग छीन लिया था।
अधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेशगी में कितनी रकम दी गई थी। चर्चा है कि जमीन का सौदा दो करोड़ रुपये से अधिक का था। हालांकि, कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा पहले ही जमीन की सौदेबाजी से इंकार कर चुके हैं। एसटीएफ सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पूरे प्रकरण से पर्दा उठने की उम्मीद है।
एसपी ट्रैफिक ने क्लब पहुंचकर की पूछताछ
पुलिस अधीक्षक यातायात प्रकाश चंद आर्य ने सोमवार को डब्लूआईसी क्लब पहुंचकर कर्मचारियों से बातचीत की। आर्य घटना में आईजी की गाड़ी का इस्तेमाल करने और पुलिसकर्मियाें द्वारा पद का दुरुपयोग करने के मामले की जांच कर रहे हैं। आरोपी पुलिसकर्मियाें के अलावा पुलिस लाइन में तैनात कर्मचारियों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं। सोमवार को एसपी ने पूरे घटनाक्रम को लेकर कर्मचारियाें से सवाल-जवाब किए।