आरोप है कि चार अप्रैल को दारोगा दिनेश नेगी ने अपने दो साथी पुलिसकर्मियों के साथ आईजी की गाड़ी में बैठकर घटना को अंजाम दिया था। इन पुलिसकर्मियों ने प्रापर्टी डीलर अनुरोध पंवार से रुपयों भरा बैग लूटा था। इन पुलिसकर्मियों ने आचार संहिता का हवाला देते हुए रुपयों भरे बैग को जब्त करने का नाटक किया और फिर बैग लेकर फरार हो गए। इस मामले में चार दिन पूर्व ही मुकदमा दर्ज किया गया था। जबकि, अगले दिन ही जांच एसटीएफ को सौंप दी गई।
विवेचना ग्रहण कर ली गई है। जिला पुलिस से जो साक्ष्य मिले हैं उनका अवलोकन शुरू कर दिया गया है। जैसे ही कोई लीड मिलती है उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- स्वतंत्र कुमार सिंह, एएसपी एसटीएफ
आम लोगों में चर्चा का विषय बना लूटकांड
पुलिस का लूटकांड इन दिनों आम जनता के बीच चर्चाओं का विषय बना हुआ है। जनता भी इसमें पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या पुलिस आम अपराधी के खिलाफ भी इसी तरह का व्यवहार करती? क्या इतना मौका एक आम अपराधी को दिया जाता, जितना कि पुलिस अपने बीच के लोगों को दे रही है? अधिकारी की गाड़ी के इस्तेमाल किए जाने के भी कई अर्थ जनता निकाल रही है। कुल मिलाकर इस मामले में पुलिस और सरकारी सिस्टम की जमकर आलोचना हो रही है।