I
Iचीन में बैठे अपने आकाओं को यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भेजते हैं रकमI
चीनी साइबर अपराधियों के तीन भारतीय साथियों को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। इन ठगों ने देहरादून निवासी एक युवक से घर बैठे कमाई का झांसा देकर 21 लाख रुपये ठगे थे। ठगी गई रकम को आरोपी यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन भेजते हैं। जबकि, इसका कमीशन खुद रखते हैं। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, पासबुक, डेबिट कार्ड आदि बरामद हुए हैं।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि नेहरू कॉलोनी निवासी एक युवक ने जून में ठगी को लेकर शिकायत की थी। बताया था कि उन्हें टेलीग्राम एप के ग्रुप से जोड़ा गया था। ग्रुप में हार्वे नॉर्मन नामक इलेक्ट्रॉनिक कंपनी के उपकरणों की प्रमोशन करने पर कमाई का झांसा दिया गया। पहले 40 टास्क दिए गए, जिनका 2500 रुपये उनके खाते में भी भेज दिया गया। जब ये टास्क पूरे हुए तो उनसे 10 हजार रुपये जमा कराए गए। पीड़ित ने और टास्क पूरे किए और 19000 रुपये फिर से उनके खाते में आ गए। इसके बाद उनसे और भी रकम अपने खातों में जमा कराई गई। कुछ दिन में उनके खाते में लाभ के साथ 41 लाख रुपये दर्शाए गए। इन्हें जब निकालने की बारी आई तो बताया गया कि 50 फीसदी जमा कराना होगा तभी यह रकम निकाली जा सकती है।
पीड़ित ने 21 लाख रुपये जमा कर दिए। इसके बाद जब उन्हें रकम नहीं मिली तो ठगी का शक हुआ। मामले में साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। खातों और मोबाइल नंबरों की जांच में कुछ नाम सामने आए, लेकिन आरोपी बार-बार ठिकाने बदल रहे थे। एसटीएफ ने मेटा और गूगल से पत्राचार किया तो इनकी भूमिका पुख्ता हो गई। एसटीएफ ने बृहस्पतिवार शाम को गुरुग्राम से प्रथम शौकीन निवासी ग्राम छावला नई दिल्ली, सुभाष शर्मा निवासी बिजवासन कापशहेड़ा नई दिल्ली और मुकुल गोधारा निवासी धुलसीरस द्वारिका नई दिल्ली गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि वे चीन के कुछ साइबर अपराधियों के ग्रुप से जुड़े हैं। वहां से जो टास्क मिलते हैं, उन्हें कमीशन पर पूरा करते हैं। इसके बाद क्रिप्टो करेंसी के वॉलेट से उन्हें क्रिप्टो करेंसी में धन भेज दिया जाता है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
Iअपराध का तरीकाI
आरोपी लोगों से सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करते हैं। खुद को नामी कंपनियों के कर्मचारी बताते हैं। पीड़ितों को एक फर्जी वेबसाइट पर पंजीकरण करने और खाता खोलने के लिए कहा जाता है। ट्रेडिंग से संबंधित वर्क फ्रॉम होम कार्यों के नाम पर उन्हें विभिन्न कार्य दिए जाते हैं। इन कार्यों को पूरा करने पर, पीड़ितों की ओर से जमा की गई राशि को वेबसाइट पर मुनाफे के साथ दर्शाया जाता है। इससे वे लालच में आकर और अधिक धनराशि उनके खातों में भेज देते हैं। धोखाधड़ी से मिली धनराशि को बिनांस और ट्रस्ट वॉलेट जैसे एक्सचेंज के माध्यम से यूएसडीटी क्रिप्टो करेंसी में बदला जाता है। इस क्रिप्टो करेंसी को वे अपने आकाओं को भेज देते हैं। आरोपियों के मोबाइल फोन में चीन के कुछ अपराधियों के साथ हुई बातचीत भी मिली है।