अब इन नाकाम साजिश के पीछे कौन सा गैंग है इसके लिए एसटीएफ को भी लगाया गया है। एसटीएफ की एक विशेष टीम को दोनों जगह निरीक्षण करने और आसपास के इलाकों में इसकी पड़ताल करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एसटीएफ देश के उन हिस्सों में भी दौरा करेगी जहां पर इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
इसके लिए वहां की पुलिस और स्पेशल टीमों के साथ भी समन्वय स्थापित करने के निर्देश डीजीपी ने एसटीएफ को दिए हैं। माना यह भी जा रहा है कि इसके पीछे किसी स्लीपर सेल का भी हाथ हो सकता है। हालांकि, देश के किसी भी हिस्से से इस तरह की बात सामने नहीं आई है। यही नहीं उत्तराखंड से इस गैंग का क्या ताल्लुक है इसका भी पता लगाया जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों रुड़की के लंढौरा और ढंढेरा स्टेशन के बीच एक छोटा गैस सिलिंडर पटरियों पर पड़ा मिला था। इससे पहले खटीमा में ट्रेन की पटरियों पर इलेक्टि्रक केबल पड़ा मिला था। समय रहते यदि इन दोनों जगहों पर सुरक्षा बलों का ध्यान नहीं जाता तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती थी। बीते दिनों उत्तर प्रदेश और देश के कई हिस्सों में इस तरह की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
जीआरपी को भी पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश
इनसे साफ है कि कोई न कोई गिरोह ट्रेनों को पलटने की साजिश रच रहा है। ऐसे में उत्तराखंड में पहले ही ट्रेनों और ट्रैक की सुरक्षा के लिए एक एसओपी बनाई जा चुकी है। पिछले दिनों डीआईजी रेलवे पी रेणुका देवी ने भी जीआरपी के साथ बैठक कर एसओपी के अनुसार ही सुरक्षा इंतजामात करने के निर्देश दिए थे।
Iट्रेन पलटने की साजिश करने वाले कौन लोग हैं और कहां से यह गिरोह संचालित हो रहा है इसकी पड़ताल के लिए अब स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को भी लगाया गया है। पिछले दिनों सामने आई घटनाओं के बाद डीजीपी ने इसकी गहन पड़ताल निर्देश दिए हैं। एसटीएफ इसके लिए स्थानीय पुलिस और जीआरपी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए आरोपियों को पकड़ने का प्रयास करेगी। यही नहीं ट्रेनों और पटरियों की सुरक्षा के लिए उन्होंने जीआरपी को भी पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।