घोटाले के साक्ष्य मिले
पता चला कि सारा कारोबार फर्जी कंपनियों के माध्यम से चल रहा है। एसटीएफ ने इस मामले में कुल 1200 करोड़ रुपये के स्कैम का खुलासा किया था। कुल चार लोग गिरफ्तार किए गए थे। इनमें से एक दिल्ली का हवाला एजेंट भी शामिल है। एसटीएफ के एसएसपी आयुष अग्रवाल के अनुसार, ऐसे तीन मामलों की जांच की जा रही है। इस तरह के जो भी मुकदमे हैं उनका विवरण जुटाया जा रहा है। इनमें अब तक करीब 3000 करोड़ रुपये से भी ज्यादे के घोटाले के साक्ष्य मिले हैं। जल्द ही कुछ और लोगों को इसमें गिरफ्तार किया जा सकता है।
ऐसे बनाते हैं ठगी का शिकार
साइबर ठग पहले गोल्ड ट्रेडिंग के लिए व्हॉट्सएप पर मैसेज भेजते हैं। इसके बाद टेलीग्राम पर एक ग्रुप में उन्हें जोड़ा जाता है। इसमें एक वेबसाइट का लिंक होता है। इसी पर यूपीआई और बैंक खातों के माध्यम से धन जमा कराया जाता है। इस पर हूबहू लगता है कि कमोडिटी का कारोबार लाइव चल रहा है। लोगों को लगता है कि वह सोना खरीद-बेच रहे हैं और उन्हें फायदा-नुकसान हो रहा है। पहले 10 हजार रुपये का निवेश किया जाता है। इसका अच्छा रिटर्न भी दिखाया जाता है। लेकिन, कुछ दिन बाद ही मैसेज आता है कि आपका पैसा अटक गया है। लिहाजा और निवेश करना होगा। यहीं से शुरू होता है लालच और डर का खेल। इसके बाद लाखों और करोड़ों रुपये ठग लिए जाते हैं।
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क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से भेजा जाता है पैसा
हवाला जैसा यह कारोबार क्रिप्टो के माध्यम से किया जाता है। विदेशों में बैठे ठग लोगों से इकट्ठा किए गए इस पैसे को क्रिप्टो करेंसी में बदल देते हैं। इसके माध्यम से क्रिप्टो को अपने यहां संचालित क्रिप्टो एक्सचेंज पर कैश कराया जाता है। भारत में मौजूदा समय में क्रिप्टो पर बेहद सख्ती है तो यह कारोबार यहां कम होता है। विदेशों से ही स्थानीय एजेंटों को पैसे भेजे जाते हैं।