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Dehradun News: प्रदेश... डिग्री और मेडल पाकर खिले छात्र-छात्राओं के चेहरे

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दून विश्वविद्यालय के चौथे दीक्षांत समारोह में डिग्री और मेडल पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खिल गए। समारोह में 34 मेधावियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। जबकि, 742 को डिग्री और 17 को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। समारोह का उद्घाटन कुलाधिपति व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह, इसरो के पूर्व अध्यक्ष डाॅ. के सिवन और कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने किया। राज्यपाल गुरमीत सिंह ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, बढ़ा सोचने और सपने देखने वाले अपने जीवन में सफल होकर दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं। उन्होंने डिग्री पाने वालों से कहा, आज का दिन उनके जीवन का सबसे बड़ा दिन है। उनकी इस सफलता में उनके अभिभावक, शिक्षक और मित्रों का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने नेल्सन मंडेला के विचार ‘शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं’ का हवाला देते हुए कहा, विवि ने शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई है।
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वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश में कहा, विवि के दीक्षांत समारोह में इस बार भारत के जी-20 की सफल अध्यक्षता के कार्यकाल का उत्सव मनाते हुए वसुधैव कुटुम्बकम की थीम प्रशंसनीय है। कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा, विवि शिक्षा में सुधार के नए आयाम छू रहा है। विवि के छात्र विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
इस मौके पर यूटीयू के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह, एचएनबी मेडिकल कॉलेज के कुलपति डॉ. हेमचंद्र भट्ट, राज्य सूचना आयुक्त योगेश भट्ट, कुलसचिव प्रो. एमएस मंदरवाल समेत शिक्षक व छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
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राष्ट्र के विकास के लिए युवाओं में दिख रही अलग ऊर्जा : डाॅ. के सिवन
इसरो के पूर्व अध्यक्ष एवं राकेटमैन की पहचान रखने वाले डाॅ. के सिवन ने कहा, देश के युवाओं में राष्ट्र के विकास के लिए एक अलग ऊर्जा दिख रही है। हमें बस अपने अंदर की ताकत को पहचानना है। उन्होंने कहा, जीवन में आने वाली चुनौतियां से घबराना नहीं चाहिए। अगर मेहनत करने के बाद भी आपको कुछ नहीं मिल रहा तो समझ लें कुछ बड़ा और बेहतर आपका इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा, हमें नौकरी पाने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए। इसके लिए हमें खुद पर शोध व अनुसंधान करने होंगे। चंद्रयान-2 के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, अपनी असफलता से हमने हार नहीं मानी। इसका नतीजा है हमारे चंद्रयान-3 ने सफलता से अपना सफर पूरा किया।

पूर्व छात्र भी हुए सम्मानित

दीक्षांत समारोह में पहली बार विवि के पूर्व छात्रों को भी सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में राहुल त्यागी, दयाकृष्ण पुरोहित, दिव्यांशा राणा और राहुल कोठियाल शामिल रहे। इन सभी को डिस्टिंग्विश एलुमनाई ऑफ द यूनिवर्सिटी के खिताब से नवाजा गया।
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