श्रीदेव सुमन के 77वें बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान श्रीदेव सुमन पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया। साथ ही श्रीदेव सुमन विशेषांक और डॉ. एमआर सकलानी द्वारा संपादित ‘सुमन सुघा’ व श्रीदेव सुमन को समर्पित डॉ. मुनिराम सकलानी द्वारा रचित ‘अनुभूति के स्वर’ कविता संग्रह का विमोचन किया गया। रविवार को श्रीदेव सुमन संस्थान व नवाभिव्यक्ति संस्था की ओर से किशननगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सुमन हम सभी के जीवन के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने टिहरी सियासत की दमनकारी नीतियों के विरोध में 84 दिनों का अनशन कर अपनी जान दे दी थी। कहा कि उनका त्याग भावी पीढ़ी को हमेशा राह दिखाएगा। कार्यक्रम के अध्यक्ष डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने सुमन को समर्पित कविता संग्रह को लेकर कहा कि यह उनके जीवन और संघर्ष को स्पष्ट दर्शाती है। इस मौके पर शिव मोहन सिंह, जय कृष्ण, प्रदीप बहुगुणा, रोशन धस्माना मौजूद रहे। मा.सि.रि.