राजधानी दून के धाकड़ क्रिकेटर अभिमन्यु को बांग्लादेश दौरे के लिए भारतीय ए टीम में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलने से राज्य में खुशी की लहर है। बृहस्पतिवार को भी सुबह से ही उनके घर पर बधाइयों का तांता लगा रहा। अभिमन्यु के पिता आरपी ईश्वरन का कहना है कि अब उनका बेटा भारतीय टीम में शामिल होने से महज एक कदम दूर है।
अभिमन्यु की इस उपलब्धि पर उनके पिता भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि अभिमन्यु ने यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत की है। 27 वर्षीय अभिमन्यु ने मात्र सात वर्ष की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने बताया कि अभिमन्यु उन खिलाड़ियों में से हैं, जिसका बैटिंग एवरेज 44 प्लस है।
अभिमन्यु ने सवाईमान सिंह स्टेडियम में पहली और दूसरी इनिंग में यूपी टीम के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में शतक मारा था। अभिमन्यु रणजी की दो इनिंग में शतक मारने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। बताया कि उन्होंने 1988 में अभिमन्यु के नाम पर ही क्रिकेट एकेडमी शुरू कर दी थी। इस एकेडमी में अभिमन्यु ने बहुत कुछ सीखा और उसी की बदौलत वह ऊंचाईयां छू रहे हैं।
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छठवीं कक्षा के बाद से नहीं गए स्कूल
बंगाल टीम से ओपनर बल्लेबाज रहे अभिमन्यु के बारे में उनके पिता ने बताया कि उन्होंने छठवीं कक्षा के बाद से प्राइवेट स्कूलिंग की। उन्हें स्कूल से ही खेलने के लिए मुख्य तौर पर छुट्टियां दी गई थीं।