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Iसात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का समापन
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Iयज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना कीI
मातृशक्ति पछवादून की ओर से दिनकर विहार स्थित गढ़वाल सभा के भवन में चल ही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का बुधवार को समापन हो गया। लोगों ने यज्ञ में आहुति देकर विश्व कल्याण की कामना की। भंडारे में श्रद्धालुओं को कढ़ी, चावल और हलुवे का प्रसाद दिया गया।
बुधवार को श्रीमद् भागवत महापुराण कथा के समापन पर ढोल दमाऊ की थाप पर दक्षिण काली और श्रीसेम नागराज डोली ने नृत्य कर लोगों को आशीर्वाद दिया। पूरा माहौल देव डोलियों के रंग में रंग गया। डोली के दर्शन को बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। डोली के विदाई पर श्रद्धालु भावुक हो गए।
श्रद्धालुओं ने अगले बरस फिर से आने की अर्जी लगाई। बाल कथा व्यास प्रमोद चमोली ने कहा कि भागवत कथा ईश्वर से सीधे साक्षात्कार कराती है। भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करती है। कहा, परमात्मा घट-घट और कण-कण में विराजमान है। सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन कर दोस्ती का महत्व समझाया। जिस घर में भगवान का स्मरण किया जाता है, वहां अधर्म आने से बचता है। इस मौके पर सभा के अध्यक्ष राजू बिंजोला, हेमचंद्र सकलानी, पंडित रामचंद्र पैन्यूली, सर्वेश्वर दत्त खाली, बीना डोभाल, सरिता रावत, अमिता नेगी आदि मौजूद रहे।