ऋषिकेश। मालवीय मार्ग स्थित तुलसी मानस मंदिर में सातवें दिन रामकथा जारी रही। कथा का श्रवण करने के लिए सहायक निदेशक संस्कृत शिक्षा डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल पहुंचे। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का चरित्र हमें अच्छा पुत्र, पति, भाई, समाज सेवक और राजनेता बनने की प्रेरणा देता है। कहा कि श्रीमद् भागवत गीता में भगवान श्री कृष्ण का उद्बोधन युगों तक मानव जाति को धर्म और कर्म के समीकरण में समन्वय स्थापित करने की शिक्षा देता रहेगा। प्रदेश सरकार ने सभी विद्यालयों में श्रीमद् भागवत गीता के श्लोकों को अनिवार्य कर सनातन धर्म को बचाए रखने की पहल की है। कथावाचक उत्तराखंड पीठाधीश्वर गोपालाचार्य महाराज ने कहा कि सरकारी अधिकारी होने के साथ ही चंडी प्रसाद ज्योतिष रत्न के रूप में धर्म ध्वज की भूमिका में हैं। तुलसी मानस के महंत रवि प्रपन्नाचार्य ने उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर डॉ. ओमप्रकाश पूर्वाल, अनूप रावत, डॉ. जनार्दन कैरवाण, वेद प्रकाश मिश्रा, दयाधर दीक्षित, मदन मोहन शर्मा, केके लांबा, सुभाष कोहली, श्याम अरोड़ा, सतीश घिल्डियाल आदि उपस्थित रहे। संवाद