दशलक्षण पर्व के समापन पर दिगंबर जैन समाज चकराता के तत्वावधान में चकराता में श्री जी की शोभायात्रा (उछाव) धूमधाम से निकाली गई। शोभायात्रा में श्रद्धालुओं ने बैंड की धुन और जौनसारी ढोल की थाप पर नाच-गाकर श्री जी का गुणगान किया।
शनिवार को दशलक्षण पर्व के उपलक्ष्य में जैन समाज चकराता ने छावनी बाजार में श्री जी की भव्य शोभायात्रा निकाली। शोभायात्रा के साथ पारंपरिक जौनसारी ढोल और बैंड की धुनों पर नृत्य करती महिलाएं और युवतियों के पीछे कुबेर की अगुवाई में इंद्रो के कंधों पर रखी चांदी की भव्य पालकी में विराजमान श्री जी की भव्य छटा देखते ही बन रही थी। पालकी में विराजे श्री जी का दर्शन करने को लोग कतारों में लगे रहे। बाजार में जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया।
चौक बाजार चकराता स्थित दिगंबर जैन मंदिर से यात्रा शुरू हुई। पूरा छावनी बाजार श्रीजी के जयकारों से गूंजा। यात्रा पूरे छावनी बाजार से होते हुए वापस मंदिर पहुंच कर संपन्न हुई।चौक बाजार में श्री जी को पांडुकशिला पर विराजमान किया गया। रामपुर से आए डॉ. संजय जैन ने विधिविधान से श्री जी का महामस्तकाभिषेक और शांतिधारा का पाठ कर सुख-समृद्धि की कामना की। उसके बाद श्री जी को मंदिर में उनके सिंहासन पर विराजमान कराया गया। इस दौरान प्रधान संजय जैन, मंत्री अजय जैन, सुनील जैन, पंकज जैन, अरविंद जैन, ऋषभ जैन, विनय जैन, अनुपम जैन, आशीष जैन, राजेश कुमार जैन, पवन कुमार जैन, रोहित जैन आदि उपस्थित रहे।