मंदिर खुले तो चलने लगी सैकड़ों 'जिंदगी' - बुधवार को मंदिर खुले तो कई दुकानदारों ने ली राहत की सांस, मंदिरों पर आश्रित प्रसाद, फूल की खुली दुकाने माई सिटी रिपोर्टर लॉकडाउन लागू होने के बाद बुधवार को मंदिरों के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खुले तो कई दुकानदारों के चेहरे खुशी से खिलने लगे। मंदिरों पर आश्रित प्रसाद व फूलों की दुकानें भी तीन महीने बाद खुली। अब छह जुलाई से शुरू होने वाले सावन महीने से दुकानदारों को कमाई की आस जगी है। व्यापारियों ने कहा कि तीन महीने मंदिर बंद रहने से उनकी कमाई ठप हो गई। मई से जुलाई तक मंदिरों में पर्यटक व लोग अच्छी संख्या में आते हैं। इस समय मंदिर बंद होने से उन्हें नुकसान पहुंचा है। कहा कि अब मंदिर खुलने से उन्हें भी राहत मिली है ------- मेरी प्रसाद की दुकान है। तीन महीने बाद मंदिर खुले हैं तो अच्छा लग रहा है। घर का गुजारा करना मुश्किल हो गया था। अब जाकर दुकान खोल सकेंगे। अभी कम ही लोग आएंगे, लेकिन कुछ कमाई तो होगी। अभी तक तो एक रूपया कमाई का साधन नहीं था ... योगेश काम्बोज, दुकानदार , श्री टपकेश्वर महादेव मंदिर --------- मैं टपकेश्वर महादेव मंदिर के बाहर खिलौने, भगवान की फ्रेम फोटो की दुकान लगाता हूं। मंदिर खुलने से बड़ी राहत मिली है। छह तारीख से सावन भी शुरू हो रहे हैं। अब जाकर कुछ कमाई की आस बंधी है। तीन महीने से घर पर बैठे रहे, घर का गुजारा करना मुश्किल हो गया था। ... देशराज मित्तल, दुकानदार, टपकेश्वर महादेव मंदिर गौरव