पंजिया गांव स्थित मंदिर से शिलगुर और बिजट महाराज के देवचिह्न एक रात्रि के प्रवास पर तारली गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर देवचिह्नों का स्वागत किया। देव दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पंजिया पहुंचे। इस मौके पर भंडारे का भी आयोजन किया गया। तारली गांव निवासी दीवान सिंह तोमर ने बताया कि उनके पिता जय सिंह तोमर ने 40 वर्ष पूर्व घर की खुशहाली और बच्चों की तरक्की के लिए देवता से मनोकामना मांगी थी। मनोकामना पूर्ण होने पर देवचिह्नों को एक रात्रि के प्रवास पर अपने घर लाने की बात कही थी। बताया कि देवचिह्नों को रविवार दोपहर करीब एक बजे पंजिया गांव स्थित मंदिर से बाहर निकाला गया। इसके बाद तारली गांव के लिए प्रस्थान किया गया। बताया कि देवचिह्नों को साहिया बाजार होते हुए तारली गांव लाया गया। इस दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा की गई। तारली गांव पहुंचने पर शुभ मुहूर्त में देवचिह्नों को घर में प्रवेश कराया गया। बताया कि सोमवार सुबह देवचिह्न अपने धाम पंजिया के लिए प्रस्थान करेंगे। इस मौके पर देव पुजारी संतराम भट्ट, विजय राम भट्ट, टीकम सिंह चौहान, बलवीर सिंह चौहान, गुलाब सिंह चौहान, संतराम चौहान, भवान सिंह, कुंदन सिंह, केदार सिंह चौहान, केशर सिंह चौहान आदि उपस्थित रहे।