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खाकी वर्दी छोड़ जुर्म की दुनिया में बनाई बादशाहत पर अधूरी रह गई इस गैंगस्टर की यह तमन्ना

Wed, 22 Nov 2017 07:45 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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Devpal Rana
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खाकी वर्दी छोड़ जुर्म की दुनिया में बादशाहत बनाने वाला यह कुख्यात शार्प शूटर मरने से पहले भी अपनी इस तमन्ना पूरी नहीं कर सका, जिसकी चाह उसे हमेशा से रही।
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राठी गैंग के शार्प शूटर कुख्यात देवपाल राणा ने समाज के कई लबादों में लिपटा हुआ चेहरा था। कभी खाकी तो कभी बेखौफ मुजरिम तो भी सफेदपोश के रूप में ताकत का अहसास कराता रहा।

एक तरफ उसकी जुर्म की दुनिया में बादशाहत थी तो दूसरी तरफ न केवल अपनी पत्नी को ब्लॉक प्रमुख बनाने में कामयाब रहा। यही नहीं वर्ष 2002 और 2007 में हरिद्वार जिले से बसपा के टिकट पर चुनाव लडने की भी चाहत रखता था। लेकिन उसकी यह तमन्ना पूरी नहीं हो सकी।
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देवपाल राणा 1995 में 40वीं वाहिनी पीएससी हरिद्वार में कांस्टेबल था। जिसे विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के चलते बाद में बर्खाश्त कर दिया गया। इसके बाद देवपाल ने सक्रिय रूप से जुर्म की दुनिया में पांव रखा। यही नहीं विभिन्न मामलों में जेलों में जाना और फिर जमानत लेकर छूटते छुटाते वह नेता भी बन गया।

ननौता सीट से अपनी पत्नी को ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़वाया और उसे जिताने में कामयाबी पाई। हालांकि पिछले चुनाव में वह अपने प्रतिद्वंदी ऋषिपाल राणा के सामने चित्त हो गया और यह सीट ऋषिपाल राणा के खाते में आ गई।
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बढ़ती गई गैंगस्टर की राजनीतिक की चाह

devpal rana
इसके बाद देवपाल राणा की राजनीतिक चाहत कम नहीं हुई बल्कि और भी बढ़ गई। सूत्रों के अनुसार देववाल ने वर्ष 2002 और 2007 में हरिद्वार जिले से बसपा के टिकट पर चुनाव लडने की पुरजोर कोशिश की। यह बात अलग है कि उसे टिकट नहीं मिल सका।

देवपाल के आपराधिक रिकार्ड पर नजर डाले तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हत्या, लूट, गैंगवार और डकैती समेत कई जघन्य अपराधों के मामलों में कुल 16 मुकदमें हैं। बताया गया है कि पुलिस की नौकरी करते समय सुनार के साथ लूटपाट की घटना में देवपाल का नाम उजागार हुआ था।

इसके बाद उसने सहारनपुर, मुज्जफरनगर, बिजनौर के अलावा हरिद्वार जिले में कई घटना को अजाम दिया था। 05 अगस्त 2014 को रुड़की उपकारागार में हुई गैंगवार में शामिल होने के बाद देवपाल और अधिक सुर्खियों में आ गया।

इस घटना में देवपाल पर कुख्यात अमित भूरा, सुशील चौधरी, अजित विश्वाश उर्फ विशु के साथ हमला करने का आरोप था। जिसमें चीनू के तीन साथियों की घटना स्थल पर मौत हो गई थी। जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने फरवरी 2017 में कुरूक्षेत्र हरियाणा से गिरफतार किया गया था।
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