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Uttarakhand: शैलेश मटियानी पुरस्कार की धनराशि दोगुनी, मुख्यमंत्री धामी ने की घोषणा, 19 शिक्षक सम्मानित

Thu, 05 Sep 2024 01:11 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

9 शिक्षकों को सम्मानित करने के साथ ही सीएम धामी ने  शैलेश मटियानी पुरस्कार की धनराशि दोगुनी करने की घोषणा की।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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प्रदेश में शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार की धनराशि दोगुनी होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजभवन में शिक्षकों को पुरस्कृत करते हुए इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुरस्कार की राशि 10 से बढ़ाकर 20 हजार रुपये की जाएगी। राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य के 19 शिक्षकों को सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में शिक्षकों की भूमिका बढ़ गई है। तकनीकी विकास और वैश्वीकरण के दौर में शिक्षक और छात्रों को संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं। सरकार शिक्षकों की भूमिका को समझती है। जो उनके सम्मान के लिए कटिबद्ध है। शिक्षकों के प्रशिक्षण एवं कौशल विकास के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं।
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शिक्षकों को नवाचार से जोड़ने पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज के दिन सम्मानित हो रहे शिक्षकों ने समाज में ज्ञान का संचार एवं अपने अनुभव और मार्गदर्शन से विद्यार्थियों के जीवन को आकार देने का काम किया है। शिक्षक हर स्थिति में अपने विद्यार्थी को मार्गदर्शन देने का कार्य करते हैं। शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित होने वाले शिक्षक अन्य लोगों को भी प्रेरणा देंगे, जो समाज के लिए रोल मॉडल हैं।

2047 तक भारत को बनाना है विश्व गुरु
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा, विषम परिस्थितियों एवं दुर्गम क्षेत्रों में विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए अहम योगदान देने वाले शिक्षक वास्तव में सम्मान के अधिकारी हैं। आज के दिन, विशेष रूप से, हर व्यक्ति को अपने विद्यार्थी जीवन की अवश्य याद आती है।
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अपने शिक्षक भी याद आते हैं। अपने गुरुओं को याद करते हुए राज्यपाल ने कहा, गुरुओं का दिया गया ज्ञान आज भी मार्गदर्शन और प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा, 2047 तक भारत को विश्व गुरु और विकसित भारत बनाने की दिशा में शिक्षकों की अहम भूमिका होगी। सम्मान समारोह में शिक्षा सचिव रविनाथ रामन, सचिव संस्कृत शिक्षा दीपक कुमार, अपर सचिव शिक्षा रंजना राजगुरु, निदेशक बंदना गब्र्याल, अपर निदेशक डाॅ. मुकुल सती आदि मौजूद रहे। संचालन मोहन बिष्ट ने किया।

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7000 शिक्षकों को इस साल मिलेगी नियुक्ति : डॉ.धन सिंह

शिक्षा मंत्री डॉ..धन सिंह रावत ने कहा, प्रदेश में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। इस साल 7000 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। 30 सितंबर तक हर स्कूल में शत प्रतिशत शिक्षक मिल जाएंगे। प्रधानाध्यापक के 910 पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा। वहीं, प्रधानाचार्य के मामले में भी सरकार रास्ता निकाल रही है। उन्होंने बताया राज्य में शिक्षकों की 34 में से 21 मांगे पूरी की जा चुकी है।

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इन शिक्षकों को मिला शैलेश मटियानी राज्य शिक्षक पुरस्कार

प्रारंभिक शिक्षा में पौड़ी जिले से नफीस अहमद, चमोली से कुसुमलता गडिया, उत्तरकाशी से कुसुम चौहान, देहरादून से सुमन चमोली, टिहरी गढ़वाल से कंचन बाला, रुद्रप्रयाग से अरुणा नौटियाल, चंपावत से खड़क सिंह बोरा, बागेश्वर से नरेंद्र गिरी, नैनीताल से डाॅ.भावना पलड़िया, पिथौरागढ़ से चंद्रशेखर जोशी, अल्मोड़ा से राम सिंह। माध्यमिक शिक्षा में पौड़ी से दौलत सिंह गुसांई, हरिद्वार से राजेंद्र कुमार, नैनीताल से डाॅ. प्रदीप कुमार उपाध्याय, चंपावत से श्याम दत्त चौबे, ऊधमसिंह नगर से डाॅ. मधुसूदन मिश्र, प्रशिक्षण संस्थान में पौड़ी से डाॅ. नारायण प्रसाद उनियाल को पुरस्कृत किया गया। वहीं, वर्ष 2018 के पुरस्कार से अल्मोड़ा के नृपेंद्र कुमार जोशी और वर्ष 2022 के पुरस्कार से नैनीताल के डाॅ. देवेंद्र प्रसाद हर्बोला को पुरस्कृत किया गया।
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