पिथौरागढ़ बंदीगृह से पहले भी बंदियों के नाम से एक पत्र बाहर आया था जिसमें सोरगढ़ किला नहीं बनने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बंदियों को मना लिया था। भूख हड़ताल की चेतावनी जिस बंदी ने दी थी उसने अत्यधिक दवाइयों का सेवन कर लिया था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। उसे उपचार के लिए हायर सेंटर ले जाना पड़ा था।
चुनाव को लेकर ईवीएम, वीवीपैट मशीनों की सिलिंग का काम चल रहा है। बृहस्पतिवार को बंदीगृह जाकर जांच की जाएगी।
-तहसीलदार, केएस धौनी
पत्र को उन्होंने व्हाट्सएप पर देखा है। इस पत्र में कितनी सच्चाई है, यह जांच से पता चलेगा। सीओ को आरोपों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पत्र बंदीगृह से बाहर कैसे आया, इसकी भी जांच की जाएगी।
- रामचंद्र राजगुरु, एसपी पिथौरागढ़