रुड़की में किशोरी यौन उत्पीड़न की दूसरी जांच भी एक गुमनाम पत्र के आधार पर शुरू हुई है। गुमनाम पत्र लिखने वाले ने पीड़िता बताई जा रही किशोरी के संबंध में जानकारी दी है। यह भी चर्चा है कि इस प्रकरण में एक इंस्पेक्टर की भूमिका है। इंस्पेक्टर की एसआई के साथ किसी बात को लेकर ठनी हुई थी। हालांकि एसपी सिटी ममता वोहरा पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी हैं।
रुड़की की सिविल लाइन कोतवाली में तैनात एक एसआई पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोप की फाइल दोबारा खुली है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके के कार्यकाल में यह प्रकरण सामने आया था और तब एसआई पर आरोप मढ़ने वाली किशोरी अपने बयान से पलट गई थी। उस वक्त ये बात भी सामने आई थी कि एसआई की एक इंस्पेक्टर से ठनी हुई है और पूरे प्रकरण के पीछे कही न कही इंस्पेक्टर की भी भूमिका है। एसआई ने यही बात तब एसएसपी रहे कृष्णकुमार वीके के समक्ष रखी थी।
उस दौरान पूरा मसला सुलझ गया था लेकिन एसएसपी का तबादला होने के बाद फिर इस प्रकरण को लेकर गुमनाम पत्र भेजा गया। इस पत्र में उसी घटनाक्रम का जिक्र किया गया है, जो पहले ही सामने आ चुका है। चूंकि पत्र आया था इसलिए तत्कालीन एसएसपी रिधिम अग्रवाल ने जांच बैठा दी थी। खास बात यह है कि दोबारा भी पत्र गुमनाम ही आया है। पुलिस महकमे में फिर से इस प्रकरण के पीछे एक इंस्पेक्टर की भूमिका होने की चर्चा है। जांच कमेटी की अगुवाई कर रही एसपी सिटी ममता वोहरा ने बताया कि पत्र गुमनाम है लिहाजा पूरे प्रकरण की बेहद गहनता से जांच कर रहे हैं।