टीम ने इस मामले में संस्थान की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाली थी। बाद में इस मामले की जांच सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात महिला दारोगा मनसा ध्यानी को सौंपी गई थी। जांच अधिकारी ने इस मामले में पीड़ित छात्रा और उसके सहपाठियों के बयान दर्ज किए थे। इस मामले में आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट से स्टे ले आए थे। करीब तीन माह तक इस मामले की जांच चल रही थी।
तीन माह तक चली जांच के बाद जांच अधिकार ही मनसा ध्यानी ने पूरी रिपोर्ट तैयार कर सीओ रुड़की चंदन सिंह बिष्ट के कार्यालय भेज दी है। साथ ही मामले में आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस पूरे प्रकरण में छात्रा ने जो आरोप प्रोफेसर पर लगाए थे, उनमें से अधिकतर आरोप जांच में सही पाए गए हैं। माना जा रहा है कि आरोप सही पाए जाने पर आरोपी प्रोफेसर पर पुलिस की तरफ से अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। हालांकि, प्रोफेसर पर इस मामले में गिरफ्तारी पर स्टे है। जांच अधिकारी मनसा ध्यानी ने बताया कि चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी गई है। साथ ही सीओ कार्यालय में भी पूरी जांच रिपोर्ट भेज दी गई है।