दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के दोषी पति को न्यायालय ने सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। एडीजे प्रथम मनोज गर्ब्याल की कोर्ट ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी को न्यायालय परिसर से हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है।
शासकीय अधिवक्ता मनोज कपिल ने बताया, छह अप्रैल 2014 को पटेलनगर निवासी विजय कश्यप की पत्नी ऋतु ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। तीन दिन बाद नौ अप्रैल को ऋतु के पिता सुनील कुमार निवासी कोटद्वार ने पुलिस को तहरीर दी थी। उनका कहना था कि उनकी बेटी की शादी विजय के साथ जनवरी 2013 में हुई थी। मार्च 2013 से उसके ससुराल वाले उसे ताने देने लगे। कभी उससे पैसों की मांग की जाती थी तो कभी बाइक के लिए कहा जाता था। यह सब बातें ऋतु ने उनसे फोन पर बताई थी। इसके कुछ दिनों बाद ऋतु गर्भवती हो गई, लेकिन ससुराल वाले उसका गर्भपात कराना चाहते थे और पति भी आए दिन मारपीट करता था। छह अप्रैल 2014 को ऋतु की मौत हो गई।
पुलिस ने विजय के खिलाफ प्रताड़ित करने और दहेज के लिए हत्या करने का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने दो माह के भीतर चार्जशीट दाखिल की। इस मुकदमे में कुल आठ गवाह अभियोजन की ओर से प्रस्तुत किए गए। अभियोजन की ओर से हत्या के आरोपों पर भी बहस की। लेकिन, विजय को हत्या के दोष से दोषमुक्त कर दिया गया। जबकि, दहेज के लिए प्रताड़ित करने में तीन साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माना और दहेज हत्या में सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई।