कोतवाली पुलिस और एसडीआएफ के जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीन दिन से यमुना नदी के बीच टापू पर फंसे सात लोगों को सकुशल निकाल लिया। सभी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के रहने वाले हैं।
बीते शनिवार से क्षेत्र के बारिश का दौर जारी है। जिससे यमुना नदी उफान पर हैं। मंगलवार की सुबह कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि डॉक्टरगंज पुल नंबर एक के पार यमुना नदी में बने टापू पर कुछ लोग फंसे हुए हैं। जिस पर चौकी प्रभारी बाजार विवेक भंडारी एसडीआरएफ के जवानों को लेकर मौके पर पहुंचे।
एसडीआरएफ के जवान रॉफ्ट की मदद से टापू तक पहुंचे। सुबह 10 से दो बजे तक चले चार घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सभी को यमुना की लहरों के बीच से सकुशल निकाल लिया गया। चौकी प्रभारी ने बताया कि सुरक्षित बचाए गए लोगों की पहचान पिंटू पुत्र कैलाश सिंह, मेघनाथ पुत्र राम सिंह, कैलाश सिंह पुत्र स्वर्गीय हीरालाल, जय सिंह पुत्र रामफल, चमेली पत्नी जय सिंह, मीनाक्षी पत्नी पिंटू, पिंकी पुत्री जय सिंह सभी निवासी गांव फरीदा थाना बांगर जिला बुलंदशहर के रूप में हुई। सभी खनन में मजदूरी का कार्य करते हैं और टापू पर झोपड़ी डालकर रह रहे थे। वहीं खेतीबाड़ी भी कर रहे थे। सभी मजदूर बीते शनिवार से फंसे हुए थे।
लकड़ी पकड़ने वाले लोगो ने दी पुलिस को जानकारी
मजदूरों के टापू पर फंसे होने की सूचना नदी में लकड़ी पकड़ने वालों ने पुलिस को दी। बैट्री खत्म होने की वजह से उनके मोबाइल बंद हो गए थे। उन्होंने नदी में लकड़ी पकड़ने वाले लोगों से किसी तरह संपर्क साधा। जिन्होंने उनके फंसे होने की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई।