लूटे गए माल का हिस्सा देने आए थे, पकड़े गए
डकैती के आरोपियों रोहताश और नबी हसन ने बताया कि वे लूट के माल का हिस्सा व्यवसायी के नौकर प्रकाश और उसके साले अजय को देने के लिए आए थे। पुलिस को पूछताछ से पता चला कि गिरफ्तार अजय का भाई दिनेश एक माह पहले यहां आया था। इस बीच प्रकाश ने अपने मालिक सौरभ कौशल के यहां डकैती करने का सुझाव दिया। डकैती से पहले दो बार गिरोह के लोगों ने रेकी की थी।
गुरुजी और समीर बने थे क्राइम ब्रांच के अफसर
पुलिस ने बताया कि अभी अजय के भाई दिनेश कश्यप के अलावा जुनैद, समीर और रामपुर जिले के रहने वाले अंकल उर्फ गुरुजी की तलाश है। डकैती के दौरान अंकल उर्फ गुरुजी और समीर क्राइम ब्रांच के अफसर बनकर घर में घुसे थे। नबी हसन और दिनेश घर के बाहर निगरानी कर रहे थे।
दिनदहाड़े डकैती डालने की योजना थी
एसएसपी जन्मेजय खंडूरी का कहना है कि बदमाश एक दिन पहले दिनदहाड़े डकैती डालना चाहते थे लेकिन पड़ोसी के घर काफी लोगों की आवाजाही देखकर बदमाशों ने 14 जून की रात डकैती डालने की योजना बनाई।