किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने वाली नहर की सुरक्षा दीवार गिर जाने से नहर के टूटने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों के बार-बार शिकायत के बावजूद भी दीवार को ठीक नहीं किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियाें की लापरवाही से क्षेत्रवासियों में नाराजगी बढ़ रही है। बडोल नहर चकराता-त्यूणी राष्ट्रीय राजमार्ग के एक किनारे पर लगभग 15 मीटर की ऊंचाई पर बनाई गई है। नहर के खेड़ा दारागाड़ व खेड़ा जडार के बीच सुरक्षा दीवार आठ महीने पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी। नहर के अचानक से टूटने से मार्ग पर दुर्घटना घट सकती है। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों के सामने सिंचाई का गंभीर संकट भी खड़ा हो सकता है। स्थानीय निवासी बलबीर चौहान, जगदीश सिंह, पनसिंह, मदन सिंह चौहान, श्याम दत्त ने बताया कि क्षतिग्रस्त दीवार की कई बार सिंचाई विभाग से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र दीवार को ठीक नहीं किया गया तो ग्रामीण धरना-प्रदर्शन करेंगे।