IIरजिस्ट्री फर्जीवाड़ा: मामला डीएम तक पहुंचने पर लगाई फटकार, तत्काल कब्जा हटाने के निर्देश
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Iएसआइटी ने कहा, विशेष जांच दल की रिपोर्ट पर एसडीएम की जांच कमेटी का क्या मतलब
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भू-माफिया ने फर्जीवाड़ा कर गलत दस्तावेजों के जरिए ऋषिकेश में पांच बीघा निजी और सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया। एसआईटी की पड़ताल में संबंधित जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। एसआईटी ने इस भूमि को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए। एसडीएम ने जमीन कब्जा मुक्त कराने के बजाय तहसील स्तरीय टीम गठित करने की सूचना भेज दी। एसडीएम के रवैये पर एसआईटी ने सख्त आपत्ति जताई। कहा, एसआईटी रिपोर्ट के बाद तहसील स्तरीय जांच का क्या मतलब है। मामला संज्ञान में आया तो डीएम सोनिका ने एसडीएम को फटकार लगाकर जमीन को तत्काल कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए हैं।
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Iये है मामला
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Iमामला ऋषिकेश तहसील क्षेत्र में खसरा नंबर 760 के पांच बीघा रकबा से जुड़ा है। गैर कृषि भूमि पर हरमिंद्र कौर के साथ कई अन्य व्यक्तियों का कब्जा था। एसआईटी में शिकायत हुई तो जमीन पर कब्जा अवैध पाया गया। भूमि से बल प्रयोग कर कब्जा हटाया जाना था। लेकिन एसडीएम ने ऐसा नहीं किया।
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Iएसआईटी ने यह जताई आपत्ति
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Iजमीन पर अवैध कब्जा साबित होने के बाद विशेष जांच दल ने एसडीएम ऋषिकेश को निर्देशित किया कि खसरा नंबर 760 की कुल पांच बीघा जमीन पर हरमिंद्र कौर के साथ अन्य व्यक्तियों का अवैध कब्जा होना पाया गया है। इस भूमि से कब्जा हटाने के लिए तत्काल कार्यवाही का नियम है। बल प्रयोग कर कब्जे को हटाया जाना चाहिए। लेकिन एसडीएम की ओर से प्रकरण में तहसील स्तरीय टीम गठित करने की सूचना दी गई है। यह बेहद खेदजनक है। एसडीएम ने मात्र खानापूर्ति की है, जो उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश अधिकतम जोत सीमा आरोपण अधिनियम 1960 की धारा-35 के अंतर्गत प्रदान की गईं शक्तियों का प्रयोग कर अनाधिकृत कब्जे को तत्काल हटवाएं।
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Iडीएम ने कहा, खानापूर्ति न करें
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Iमामला संज्ञान में आने पर डीएम सोनिका ने उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को चेतावनी भरा पत्र भेजा। यह कहा कि जमीन पर कब्जा स्पष्ट होने के बाद भी एसडीएम की ओर से एसआईटी को तहसील स्तरीय टीम गठित करने की जानकारी देना खेदजनक है। इसमें कोई खानापूर्ति न की जाए। धारा-35 के तहत तत्काल कार्यवाही करते हुए अवैध कब्जा हटवाकर सूचना दें।I