चमोली में ग्लेशियर फटने के बाद धौली नदी में मलबा
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डॉ. साईं का यह भी मानना है कि झीलों और ग्लेशियरों का अध्ययन करने के लिए उत्तराखंड समेत तमाम हिमालयी राज्यों में अधिक से अधिक ऑलवेदर स्टेशन, मॉनीटरिंग स्टेशनों स्थापित करने की जरूरत है। ताकि, इनसे मिले डाटा के आधार पर न सिर्फ आपदाओं का पूर्व आकलन किया जा सके, वरन आपदा के बाद होने वाले नुकसान और दुष्प्रभावों को भी कम किया जा सके।