शहर के सबसे महंगे और सुविधासंपन्न माने जाने वाले ओरम पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली पांच साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर होने के बाद गुस्साई भीड़ ने स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की। स्कूल में ही तैनात एक कर्मचारी लंबे समय से बच्ची का यौन शोषण कर रहा था। स्कूल में पथराव और तोड़फोड़ होने पर पुलिस ने आक्रोशित भीड़ को काबू करने के लिए लाठीचार्ज किया।
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इससे भीड़ और भड़क गई। आरोपी कर्मचारी की गिरफ्तारी और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर भीड़ ने नैनीताल हाइवे पर तिकोनिया के पास जाम लगा दिया। इससे पूरा शहर ही जाम हो गया। आरोपी कर्मचारी की गिरफ्तारी और प्रधानाचार्य को हिरासत में लिए जाने एवं प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद भीड़ ने जाम खोला। प्रशासन ने स्कूल को सील कर दिया है।
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नैनीताल रोड पर तिकोनिया के पास ओरम पब्लिक स्कूल है। इस स्कूल में पढ़ने वाली एक बच्ची ने मंगलवार को परिजनों से पेट में दर्द की शिकायत की। बच्ची काफी डरी-सहमी हुई लग रही थी। परिजनों ने बच्ची को डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर के दवा देने के बाद भी बच्ची रात में दर्द से सो नहीं पाई। परिजनों के पूछने पर बच्ची ने स्कूल में अपने साथ हो रहे शारीरिक शोषण की बात बताई।
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बच्ची की बात सुनकर परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने रात में ही स्कूल की वेबसाइट खोलकर बच्ची को स्कूल स्टाफ की फोटो दिखाई। बच्ची ने आरोपी कर्मचारी बलवंत सिंह बिष्ट उर्फ बबलू की पहचान कर ली। इसके बाद परिजनों ने सुबह घटना की जानकारी एसएसपी जन्मेजय खंडूरी को दी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने कर्मचारी बलवंत सिंह बिष्ट उर्फ बबलू निवासी इंदिरानगर लालकुआं के खिलाफ धारा 376 द्वितीय (च), 5/6 पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
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परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूल की संचालिका अंकिता जोशी, प्रधानाचार्या गौरी बोहरा, क्लास टीचर नमिता जोशी को इसकी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने परिजनों और पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी। बच्ची के साथ हैवानियत की जानकारी मिलने पर आक्रोशित भीड़ स्कूल पहुंच गई। भीड़ ने स्कूल में हंगामा करते हुए पथराव और तोड़फोड़ शुरू कर दी। इससे भगदड़ मच गई। भवन के शीशे का कांच लगने से दो महिला पुलिसकर्मियों को चोट लग गई।
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अध्यापिकाएं भी स्कूल में फंस गईं। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे भीड़ का गुस्सा भड़क गया। भीड़ ने आरोपी की गिरफ्तारी और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर तिकोनिया में हाइवे जाम किया तो पूरा शहर ही जाम हो गया। सिटी मजिस्ट्रेट केके मिश्रा, एसडीएम एपी बाजपेयी और एसपी सिटी यशवंत चौहान ने भीड़ को समझाया, लेकिन जाम नहीं खुला।
डीएम दीपक रावत और एसएसपी जन्मेजय खंडूरी मौके पर पहुंचे, उन्हें भी वापस लौटना पड़ा। भीड़ ने पीएसए के पूर्व अध्यक्ष दीपक बल्यूटिया पर मध्यस्थता कर पैसे का लालच देने का आरोप तक लगाया। पुलिस ने आरोपी कर्मचारी बबलू को उसके घर लालकुआं से गिरफ्तार कर लिया। स्कूल प्रधानाचार्य गौरी बोहरा को भी हिरासत में ले लिया। इसके बाद भीड़ ने जाम खोला।