बोर्डिंग स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र के साथ दुष्कर्म करने के दोषी कर्मचारी को न्यायालय ने दो साल की सजा सुनाई है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लक्ष्मण सिंह की कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
सहायक अभियोजन अधिकारी कुसुम रमन ने बताया कि घटना 11 नवंबर 2011 की है। छात्र के पिता ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका बेटा दिवाली की छुट्टी में दिल्ली स्थित अपने घर गया था। वहां से 11 नवंबर को उसे उनके भाई ने स्कूल में छोड़ दिया। इसके बाद शाम के वक्त उनके एक परिचित का फोन आया कि उनका बेटा स्कूल से भागकर उनके पास आया है। इस पर वह देहरादून आए और बच्चे से जानकारी ली। बच्चे ने बताया कि स्कूल के कर्मचारी शक्ति सिंह ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। न्यायालय में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन की ओर से कुल चार गवाह पेश किए गए। इनके आधार पर न्यायालय ने दोषी को सजा सुना दी।