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I-पर्यटकों की संख्या में आई गिरावट से व्यापारियों में छाई मायूसीI
चकराता और पछवादून क्षेत्र में शनिवार को सुबह की शुरुआत हल्की धूप से हुई। कुछ ही देर में मौसम ने करवट ले ली। आसमान में बादलों ने डेरा डाल दिया। दिनभर बारिश की बूंदें थिरकती रहीं। बारिश के चलते पर्यटकों का मजा किरकिरा हो गया। केवल 500 पर्यटक ही चकराता पहुंचे। हालांकि, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी भी करीब आध फीट बर्फ जमी है। चकराता में अधिकतम तापमान 12 और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस रहा।
शुक्रवार को धूप होने से चकराता में बड़ी संख्या में पर्यटक बर्फबारी का लुत्फ उठाने पहुंचे थे। पर्यटन व्यवसायियों को उम्मीद थी कि शनिवार को भी पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा, लेकिन बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि अच्छी बात यह है कि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अभी करीब आधा फीट बर्फ जमी हुई है। पर्यटकों ने आलू मंडी, धारनाधार, जाड़ी, लोखंडी, ठाणा डांडा, चौरानी, बैराट खाई आदि पर्यटन स्थलों में बर्फ में मस्ती की। उन्होंने बाजार में राजमा, मंडुवा, गहथ, बाल मिठाई आदि की खरीदारी भी की। पर्यटकों की संख्या में गिरावट से व्यापारियों में मायूसी थी।
वहीं, पछवादून क्षेत्र विकासनगर, हरबर्टपुर और सहसपुर में सुबह धूप खिली थी। अचानक रिमझिम बारिश शुरू हो गई। लोगों ने घरों में हीटर और ब्लोअर चलाकर राहत पाई। शाम को बाजारों में फिर से अलाव जलने लगे। लोग गर्म कपड़ों से पैक होकर बाहर निकले। बारिश के चलते बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। कालसी और साहिया में हल्की बारिश के बीच दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। तहसील मुख्यालय में काम के लिए आने वाले लोगों की भीड़ में कमी देखी गई। त्यूणी क्षेत्र में बारिश से स्थानीय किसानों को बड़ी राहत मिली है। किसानों और बागवानों को उम्मीद है कि अभी बारिश जारी रहेगी। किसान और बागवान बारिश को नकदी फसलों के लिए अमृत मान रहे हैं।
उधर, औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में बारिश के बीच सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। फैक्टरियों में काम के लिए पहुंचे श्रमिक गर्म कपड़े, टोपी और दस्तानों से पैक दिखे। चाय की दुकानों में लोगों की भीड़ लगी रही। बारिश के चलते औद्योगिक क्षेत्र में जगह-जगह जलभराव हो गया। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। पछवाूदन क्षेत्र का अधिकतम तापमान 18 और न्यूनतम 11 डिग्री सेल्सियस रहा।