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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मंगल संवाद कार्यक्रम में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि त्याग और परोपकार की भावना सदा से हिंदुओं में रही है।
उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन से जो संदेश मिलता है, वही मार्गदर्शन है। वही पैथी है, वही हमारी श्रद्धा, प्रेरणा व आदर्श भी है। जिस प्रकार पेड़ दूसरों को छांव देकर व नदियां अपने दोनों तरफ की भूमि को उर्वरा बनाती हैं, ऐसे ही एक दूसरे के लिए जीना हम परिवार से ही सीखते हैं।
कहा कि मां सब के लिए स्वादिष्ट भोजन बनाती है। लेकिन उसका भी हिस्सा बच्चे, ऐसा कभी नहीं सोचती। घर परिवार के संस्कार उत्तरी भारत व दक्षिण भारत के परिवारों के मूल में ही हैं। भारत में विवाह मुंडन आदि की अपने संस्कार हैं। आधुनिक समय में संस्कार और रीति रिवाज में कुछ कठिनाई भी होती है, लेकिन संस्कारों का पालन करना हमारे रक्त में और डीएनए में है। स्वदेशी के विषय में बोलते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी को स्वदेशी अनुकूल और स्वदेशी को युगानुकूल बनाना है।
चौधरी फार्म हाउस में आयोजित कार्यक्रम में संघचालक उत्तरी महानगर श्रीचन्द्र गुप्त विक्रम, कैलाश मेहलाना, राकेश भट्ट, महेंद्र, डॉ शैलेंद्र, दिनेश सेमवाल, लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, राजेंद्र पंत, पवन शर्मा,अनिल नंदा, रवींद्र चौहान, अरुण शर्मा उपस्थित रहे।