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Iक्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारियों के खिलाफ की जाएगी सख्त कार्रवाईI
डीजीपी अभिनव कुमार ने कहा कि आपराधिक घटनाओं में मुकदमा दर्ज कर खुलासा करने में लापरवाही बरतने वाले सीओ और एसओ नपेंगे। साथ ही अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। उन्होंने चोरी, वाहन चोरी, चेन लूट, डकैती आदि की घटनाओं का 90 फीसदी खुलासा और चोरी की संपत्ति की बरामदगी 70 फीसदी से अधिक रखने के निर्देश दिए। डीजीपी बुधवार को पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे थे। उन्होंने अपराध एवं कानून व्यवस्था, महिलाओं और बाल अपराध, यातायात व्यवस्था, साइबर अपराध और ड्रग्स की रोकथाम के संबंध में पुलिस अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए।
Iजागरूकता के लिए बनाएं एजुकेशन मॉडलI
महिला एवं बाल अपराध रोकने के लिए डीजीपी ने अधिकारियों को एक एजुकेशन मॉडल बनाने के निर्देश दिए। ताकि, महिलाओं और बच्चों को उनके प्रति होने वाले अपराधों से जागरूक किया जा सके। पॉक्सो एक्ट व बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में तत्काल कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। पीड़िताओं की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग की कराई जाए। सीओ स्तर के अधिकारी लगातार पीड़िताओं से संवाद स्थापित करें।
Iड्रग्स की रोकथामI
डीजीपी ने कहा कि उत्तराखंड को ड्रग्स मुक्त बनाने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता है। इसके लिए बड़े तस्करों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। एनसीबी से सेटेलाइट डाटा लेकर अफीम व चरस की खेती को नष्ट किया जाए। सिंथेटिक ड्रग्स की युवाओं को लत न पड़े इसके लिए भी प्रबंध किए जाएं। बरामद ड्रग्स का विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में परीक्षण कराने के बाद उनमें सिंथेटिक ड्रग्स की मात्रा का पता करें। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई करें।
Iयातायात प्रबंधनI
डीजीपी ने यातायात निदेशक अरुण मोहन जोशी को यातायात प्रबंधन के संबंध में दिशा निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए मानव शक्ति का आकलन करने को कहा। ताकि, यातायात ड्यूटी अधिक से अधिक कर्मियों की लगाई जा सके। दुर्घटना संभावित स्थानों पर उनकी नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मुख्य राजमार्गों पर कट और इन पर गलत साइड से वाहन ले जाने वालों पर कार्रवाई के निर्देश भी डीजीपी ने दिए।