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Iगेट बंद होने से पर्यटकों को झेलनी पड़ी परेशानीI
राजाजी टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी करने वाली सफारी वेलफेयर संगठन ने रोटेशन प्रणाली के विरोध में मोतीचूर रेंज के गेट बंद करवा दिया। इससे पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ी। रोटेशन प्रणाली हटाने की मांग को लेकर मोतीचूर रेंज अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। कहा कि 21 नवंबर तक व्यवस्था नहीं बदली गई तो उग्र आंदोलन करेंगे।
रविवार को सफारी वेलफेयर सोसायटी ने रोटेशन प्रणाली का विरोध करते हुए राजाजी की मोतीचूर रेंज के गेट पर तालाबंदी की। संगठन की ओर से शनिवार को चीला रेंज को भी बंद करवाया गया था। रविवार को मोतीचूर रेंज के गेट बंद हो जाने से यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को परेशानी झेलनी पड़ी। पिछले वर्ष पार्क की चीला रेंज में कार्यरत सफारी वेलफेयर एसोसिएशन में विवाद के चलते दो फाड़ हो गए थे। जिसके चलते पार्क प्रशासन को कठोर रुख अपनाना पड़ा था। पूर्व में सफारी वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रोटेशन के तहत वाहनों के संचालन की मांग की गई थी। जिसको लेकर पार्क प्रशासन ने इस बार जंगल सफारी के लिए रोटेशन प्रणाली को लागू किया है। रोटेशन प्रणाली के तहत चीला, मोतीचूर रेंज में वाहनों की संख्या को सीमित किया गया है। जिसका सफारी वेलफेयर एसोसिएशन विरोध कर रही है।
Iअधिक वाहनों की आवाजाही से वन्यजीव संरक्षण पर पड़ रहा प्रभावI
राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला व मोतीचूर रेंज को वन्यजीवों का गढ़ है। बीते कुछ समय से पर्यटक वाहनों की ज्यादा आवाजाही से वन्यजीव संरक्षण भी प्रभावित हुआ है। ऐसे में रोटेशन प्रणाली के तहत सफारी वाहनों का संचालन वन्य जीव संरक्षण में बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीला में 65 सफारी जिप्सियां है। वहीं, मोतीचूर में 30 जिप्सियां हैं। शनिवार व रविवार के साथ ही त्योहारी सीजन में यह जिप्सियां एक शिफ्ट में दो बार तक सैलानियों को सफारी करवाती हैं। ऐसे में इन पर्यटक ट्रैकों पर भारी भीड़ व वाहनों के शोर से बाघों व कई शेड्यूल वन के प्राणियों के स्वछंद विचरण पर बाधा पहुंचती है।
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Iकुछ लोगों की ओर से पार्क प्रशासन की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही। रेंज अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि राजकीय कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। इसके लिए पुलिस का सहयोग लिया जाएगा। - साकेत बडोला, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्वI