दून रेलवे स्टेशन के बाहर बेतरतीब खड़े वाहन यात्रियों और राहगीरों के लिए बड़ी समस्या है। नियमों को ठेंगे पर रखकर रेलवे स्टेशन के बाहर वाहन पार्क किए जाते हैं। इससे वहां से गुजरने वाले वाहन चालक तो जाम में फंसते के साथ ही रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्री भी परेशान होते हैं। जीआरपी और आरपीएफ इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती है।
देहरादून रेलवे स्टेशन से रोजाना करीब 15 जोड़ी ट्रेनों की विभिन्न स्थानों के लिए आवाजाही होती है। रेलवे ने दोपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था भी की है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का वेट करने के लिए प्रीपेड टैक्सी बूथ और प्रीपेड ऑटो यूनियन के लोगों को भी स्टेशन के बाहर 30 ऑटो और पांच टैक्सियां पार्क करने की अनुमति भी दी है, लेकिन नियम सिर्फ कागजों में है। स्टेशन पर जब कोई ट्रेन आती है तो उस समय वहां पर ऑटो और टैक्सी काफी संख्या में स्टेशन के बाहर लग जाती हैं। जिस कारण यात्रियों को आने-जाने में परेशानी होती है।
सड़क पर पार्क होती टैक्सियां
रेलवे स्टेशन के बाहर सड़क पर बेतरतीब तरीके से जगह-जगह वाहनों के पार्क किया जाता है। वाहनों से वहां जाम लगता है और यात्रियों का रास्ता अवरुद्ध होता है। रेलवे स्टेशन के पास ही सड़क किनारे टैक्सियां पार्क की जाती हैं। जिससे मुख्य मार्ग रोजाना अवरुद्ध रहता है।
दोपहिया वाहन भी सड़क पर होते हैं खड़े
रेलवे ने दोपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए ठेका छोड़ा गया है। इसके लिए रेलवे ने दो टिन शेड बनाए हैं। टिन शेड की पार्किंग में कम जगह है। रेलवे स्टेशन पर आने वाले बाइक सवार पार्किंग शुल्क बचाने के लिए टिकट आरक्षण कक्ष या फिर आसपास सड़क पर वाहन खड़े कर देते हैं।