ट्रेक पर सुविधाओं का अभाव
इसी तरह पनार और पुंग बुग्याल में भी 300 से अधिक श्रद्धालु रुके रहे। यात्रा पर गए श्रद्धालु तेजवीर कंडेरी ने बताया कि रुद्रनाथ ट्रेक पर सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर सीमित संसाधनों के बावजूद देर शाम तक श्रद्धालु सगर गांव से आगे बढ़ते रहे, जिससे कई लोगों को भोजन और ठहरने की जगह तक नहीं मिल सकी।
केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के रेंजर भरत सिंह नेगी ने बताया कि रविवार को 370 और सोमवार को 250 श्रद्धालु रुद्रनाथ यात्रा पर गए। उन्होंने कहा कि सीमित व्यवस्थाओं के चलते कई यात्रियों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन श्रद्धालु नहीं माने।
उन्होंने बताया कि वन विभाग की ओर से व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए ल्वींठी बुग्याल में 11 टेंट भेजे गए हैं, जिनमें करीब 110 लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मोलीखर्क में तीन और पुंग बुग्याल में दो अतिरिक्त टेंट स्थापित किए गए हैं।
दो बजे बाद रुद्रनाथ जाने की नहीं मिलेगी अनुमति
रुद्रनाथ मंदिर के दर्शनों को जाने के लिए श्रद्धालुओं को अब दो बजे से पहले सगर गांव में पहुंचना होगा। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से अपराह्न दो बजे बाद किसी भी श्रद्धालु को रुद्रनाथ ट्रेक पर नहीं भेजा जाएगा। प्रभाग के रेंजर भरत सिंह नेगी ने बताया कि रुद्रनाथ और यात्रा पड़ावों पर ठहरने व खाने की सीमित व्यवस्था होने के कारण प्रतिदिन 200 से अधिक श्रद्धालुओं को रुद्रनाथ नहीं भेजा जाएगा। अपराह्न दो बजे बाद किसी भी श्रद्धालु को ट्रेक पर नहीं भेजा जाएगा। यदि किसी भी श्रद्धालु की ओर से नियत समय के बाद ट्रेक जाने की कोशिश की तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।