आरटीओ ने दून में स्कूली वाहनों के विरुद्ध दो दिवसीय चेकिंग अभियान चलाया। इसमें पहले दिन 82 स्कूली वाहनों के चालान हुए और चार वाहन सीज किए गए। आरटीओ की कार्रवाई से स्कूली वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। चेकिंग के दौरान कई वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र नहीं मिले।
आरटीओ शैलेश तिवारी ने बताया कि काफी दिनों से स्कूली बसों और स्कूल कैब के नियम विरुद्ध संचालन की शिकायत मिल रही थी। इसे देखते हुए स्कूली बसों, स्कूल कैब और किराए पर स्कूली बच्चों को ले जाने वाले प्राइवेट वाहनों के विरुद्ध दो दिवसीय चेकिंग अभियान चलाया गया। इसमें पहले दिन सहस्रधारा रोड, राजपुर रोड, रायपुर रोड, हरिद्वार रोड, ईसी रोड, डालनवाला, कैंट, जीएमएस रोड, सहारनपुर रोड, प्रेमनगर में अभियान चलाकर 82 स्कूली वाहनों के चालान और अवैध कागजों के मिले चार वाहन सीज किए गए। इस दौरान बिना फिटनेस में पांच, बिना परमिट में चार, बिना डीएल के संचालित 14 और फर्स्ट एड बॉक्स अग्निशमन यंत्र ना होने पर 22 वाहनों के चालान हुए। बाकी वाहनों के अन्य अलग-अलग कारणों से चालान हुए। अभियान के दौरान स्कूली बच्चों को किराए पर ले जाते हुए भी दो वाहन मिले, जिन्हें सीज किया गया। दो वाहन बिना कागज के मिले, उन्हें भी सीज कर दिया गया। आरटीओ शैलेश तिवारी ने बताया कि स्कूली वाहनों के सत्यापन के लिए चलाए गए अभियान में 623 स्कूल वैन का सत्यापन किया गया था। जिन वाहनों में कमियां मिली थी, उन ज्यादातर वाहन स्वामियों की ओर से ठीक कर लिया है। बताया, स्कूली बसों के सत्यापन और कागजों की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर एआरटीओ राजेंद्र विराटिया, एमडी पपनोई, अनुराधा पंत और श्वेता रौथान आदि मौजूद रहे।
Iबच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़I
राजधानी बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ किया जा रहा है। कई चालक स्कूली वाहन ड्राइवर बिना लाइसेंस के ही वाहन चला रहे है, तो कई बिना फर्स्ट एड बॉक्स के ही संचालित हो रहे है। बुधवार को आरटीओ ने अभियान चलाया तो इसमें 14 ड्राइवर बिना लाइसेंस के मिले और 22 वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र ही नहीं मिला।