रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर सात युवकों से 44 लाख रुपये ठगने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों युवक एक दूसरे को युवाओं के सामने रेलवे का अधिकारी बताते थे। आरोपी मूल रूप से बिजनौर के निवासी हैं। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने सोमवार को बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें से एक का नाम संदीप कुमार निवासी लोटस गंगा कॉलोनी, रानीपुर, हरिद्वार (मूल निवासी मोहल्ला मिसकियां, स्योहरा, बिजनौर) और रविंद्र सिंह निवासी लोटस गंगा कॉलोनी (मूल निवासी रतनपुर, धामपुर, बिजनौर) हैं। इनमें से संदीप कुमार सिडकुल स्थित एक फैक्टरी में नौकरी करता है, जबकि रविंद्र रोशनाबाद में कास्मेटिक की दुकान चलाता है। इनका एक दोस्त ऋषिकेश में रहता है।
बताया कि तीनों ने मिलकर युवाओं को ठगने का षड्यंत्र रचा। बताया कि जो लोग नौकरी की तलाश करते थे, उनसे ये आरोपी संपर्क कर लेते थे। उन्हें नौकरी का झांसा देकर मनचाहे रुपये मांगे जाते थे। कई युवा फंसकर उन्हें रुपये दे भी जाते थे। एसएसपी ने बताया कि इनके तीसरे साथी की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा।
केस एक
ऋषिकेश थाने में गत पांच जून को सोनू निवासी मिशन अस्पताल रोड सतपुली, पौड़ी गढ़वाल ने शिकायत कर पुलिस को बताया था कि उनके दोस्त मोहित से संदीप कुमार और उसके दोस्त ने 14 लाख रुपये हड़पे हैं। दोनों ने मोहित की रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही थी। इस मामले में ऋषिकेश थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।
केस दो
त्रिलोकी दास व उसके साथियों ने नेहरू कॉलोनी थाने में तहरीर देकर संदीप और उसके दोस्त रविंद्र की शिकायत की थी। इन दोनों ने त्रिलोकी और उसके दोस्तों से 30 लाख रुपये की धोखाधड़ी की। इस दौरान रविंद्र ने खुद को रेलवे का अधिकारी बताया और नौकरी लगवाने की बात कही। इस मामले में नेहरू कॉलोनी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।