धरने में हरियाणा और स्थानीय किसान एकत्र हुए थे। इस दौरान काफी देर तक हरियाणा के किसानों के भुगतान की बात होती रही। इस पर स्थानीय किसानों ने उनके भुगतान का मुद्दा उठाए जाने की बात कही। इस दौरान पहले स्थानीय किसानों और फिर हरियाणा के किसानों को भुगतान दिए जाने की बात को लेकर हंगामा शुरू हो गया। स्थानीय किसान आजाद व धर्मपाल प्रधान ने राकेश टिकैत को भी निशाने पर ले लिया। इस पर टिकैत समर्थक और स्थानीय किसानों में टकराव की स्थिति बन गई। मामला बढ़ते देख पुलिस ने दोनों के बीच में हस्तक्षेप कर बीच बचाव कराया। किसान नेताओं ने मंच से धरने को लगातार चलाए रखने की घोषणा की।
हरियाणा के किसानों ने सुनाया दुखड़ा
शुगर मिल की ओर से पिछले छह साल का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होने से किसानों को किस तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर कई किसानों ने दुखड़ा सुनाया। हरियाणा के मनवीर ने बताया कि उन्होंने मिल में गन्ना वर्ष 2017-18 में डाला था लेकिन आज तक गन्ने का भुगतान नहीं मिला है। इससे उनकी आर्थिक हालत बहुत खराब हो गई है। इसी तरह अन्य किसानों ने भी अपनी बात रखी।
सहारनपुर के नेता ने जताया अफसोस
भाकियू के सहारनपुर जिला अध्यक्ष राजपाल सिंह ने कहा कि धरने पर कम संख्या में पहुंचे किसानों से लग रहा है कि यहां के किसानों को बकाया भुगतान लेने की जरूरत नहीं है। सहारनपुर का किसान भाकियू के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
ट्रैक्टर पर झंडा लगाकर चलेगा हर किसान
नारसन। नारसन कस्बे से होकर गुजर रहे राकेश टिकैत का ग्रामीणों ने फूल माला पहनाकर स्वागत किया। यहां नारसन बॉर्डर पर उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार चंद उद्योगपतियों की कठपुतली बन गई है। देश की असली समस्या एवं मुद्दों से केंद्र सरकार ध्यान भटका रही है। देश का राष्ट्रीय ध्वज प्रत्येक नागरिक की आन, बान और शान है। हर घर तिरंगा अभियान के तहत प्रत्येक किसान अपने ट्रैक्टर पर तिरंगा लगाकर चलेगा। इस मौके पर टिकैत के गढ़वाल मंडल महामंत्री अरविंद राठी, मनोज कुमार, मोनू राठी, संजीव कुमार, कुलदीप तोमर, चीनू, श्रवण कुमार, राजपाल सिंह आदि मौजूद रहे।