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Weather Woes : गौरीकुंड से केदार धाम तक 10 जगह मार्ग ध्वस्त, सेना मोर्चे पर; लाहौल की बाढ़ में बह गया पुल

Mon, 05 Aug 2024 06:26 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून/शिमला

सार

गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 किमी का मार्ग है, इसमें 10 जगह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है। 
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मदद को आई सेना... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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31 जुलाई को हुई अतिवृष्टि से केदारनाथ मार्ग को भारी नुकसान पहुंचा है। गौरीकुंड से केदारनाथ मंदिर तक 16 किमी का मार्ग है, इसमें 10 जगह मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। लोक निर्माण विभाग की टीम मार्ग को खोलने में जुटी है। 

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लोनिवि की रिपोर्ट के अनुसार, जो स्थितियां हैं उनमें मार्ग को पूर्व की दशा में लाने में करीब एक महीने का समय लग सकता है। वहीं, सेना ने मोर्चा संभालते हुए मंदाकिनी नदी पर अस्थायी ट्राली स्थापित कर दी है। साथ ही वैकल्पिक पुल का निर्माण भी शुरू कर दिया है। गौरीकुंड में घोड़ा पड़ाव के पास लगभग 15 मीटर लंबाई में रास्ता पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। 

यहां पर लोनिवि श्रमिक वैकल्पिक मार्ग स्थापित करने में जुटे हैं। गौरीकुंड से छोड़ी तक मार्ग पर बोल्डर आने से कुछ जगह आंशिक और कुछ जगह काफी नुकसान हुआ है। छोड़ी से चीरबासा में मलबा आया है, चीरबासा के पास सड़क नष्ट हो गई है। भैरव मंदिर के पास छह मीटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। जंगल चट्टी में दो स्थान पर मार्ग पूरी तरह नष्ट हो गया है, यहां भी लोनिवि की टीम मार्ग को ठीक कर रही है।
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डॉग स्क्वॉड की मदद से सर्च अभियान शुरू...
केदारनाथ पैदल मार्ग पर अब सेना ने भी सर्च अभियान शुरू कर दिया है। सेना की टीम डॉग स्क्वॉड की मदद से अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्र में बोल्डर, मलबा व जंगल में खोजबीन कर रही है। चर्चा थी कि अतिवृष्टि के दौरान कुछ लोग जंगल की तरफ भागे थे, आशंका है कि इनमें से कुछ रास्ता भटक गए।

लाहौल में बाढ़, पुल बहा, श्रीखंड यात्रा पर गए 700 श्रद्धालुओं को निकाला
 हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के चलते लाहौल के करपट नाले में बाढ़ आ गई, जिससे पुल बह गया। इससे आवाजाही ठप हो गई है। उधर, श्रीखंड महादेव की यात्रा पर गए देवता साहिब नगेला के देवरथ सहित 250 देवलुओं, करीब 400 श्रद्धालुओं और यात्रा के दौरान प्रशासन की ओर से तैनात 64 पुलिस जवानों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बागीपुल पहुंचाया गया है। श्रीखंड महादेव में बादल फटने की घटना के बाद श्रीखंड के रास्ते में ही जाओ में फंसे हुए थे। 

  • डीएसपी आनी चंद्र शेखर ने कहा कि पुलिस थाना निरमंड के कर्मचारियों के साथ मिलकर सभी लोगों को सुरक्षित बागीपुल पहुंचाया गया है। उधर, कुल्लू के मलाणा में चार दिनों से बिजली-पानी नहीं है। राशन की दुकानों में आटा-चावल का स्टॉक खत्म हो चुका है। राज्य के इस क्षेत्र में फंसे पर्यटकों को निकालने के प्रयास तेज किए गए हैं। उधर, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में छह दिन मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। बारिश और अंधड़ चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, रविवार को शिमला में सुबह से बादल छाए रहे।

 

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