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सड़क हुई बंद, स्वतंत्रता दिवस पर समय पर नहीं पहुंचे शिक्षक, फूटा लोगों का आक्रोश

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बारिश के चलते साहिया-क्वानू मोटर मार्ग बंद हो गया। कई शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके। जिस कारण स्वतंत्रता दिवस पर कई स्कूलों में समय पर ध्वजारोहण नहीं हो सका। गुस्साएं स्थानीय लोगों ने शिक्षकों और विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षाधिकारी देहरादून ने बीईओ कालसी और चकराता से रिपोर्ट तलब की है। जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र के प्राथमिक, जूनियर, हाई स्कूलों तथा इंटर कॉलेजों में तैनात शिक्षक दूरदराज के क्षेत्रों से अपडाउन करते हैं।
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बीते सोमवार को बरसात के चलते सड़क बंद हुई तो शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचे। ऐसे में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और स्कूल के अन्य स्टाफ से झंडा फहराया। गुस्साए लोगों ने फोन पर मुख्य शिक्षा अधिकारी देहरादून से शिकायत की। लोगों का कहना है कि क्षेत्र के स्कूलों में तैनात शिक्षक देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर आदि जगहों से आते जाते हैं। बरसात में सड़कें अक्सर बंद हो जाती हैं। जिस कारण शिक्षक समय पर स्कूल नहीं पहुंचते। जिसका खामियाजा छात्रों को उठाना पड़ता है। शिक्षक रोजाना आवागमन कर रहे हैं। शिक्षकों के गैरजिम्मेदाराना रवैैये के चलते राष्ट्रीय पर्व पर कई स्कूलों में समय पर ध्वजारोहरण नहीं हो सका। लोगों का कहना है कि सुबह 10 बजे सड़क के खुलने पर शिक्षक स्कूलों के लिए रवाना हुए। लोक पंचायत संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ता भारत चौहान ने कहा कि पूरे देश में आजादी के 75 वर्ष अमृत महोत्सव जश्न-ए-आजादी बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, लेकिन विडम्बना यह है कि जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र में अधिकांश शिक्षक शिक्षिकाएं 15 अगस्त के दिन भी समय से नहीं पंहुच पा रहे हैं। इस संबंध में जिला अधिकारी देहरादून और मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे।
अप डाउन करने वालों का अलाउंस बंद करे सरकार
जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र के कालसी व चकराता ब्लॉकों में तैनात अधिकांश शिक्षक शिक्षिकाएं रोज देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर आदि क्षेत्र से अप डाउन करते हैं। शिक्षक स्कूल पहुंचने के लिए 40- 120 किमी की दूरी रोज एक तरफा नापते हैं। इतनी ही दूरी उन्हें लौटने पर तय करनी पड़ती है। अभिभावकों का कहना है कि सरकार इन्हें हाउस रेन्ट अलाउंस दे रही है, जबकि अधिकांश शिक्षक दूर दराज के इलाकों से आवागमन करते हैं। बालिका इंटर कॉलेज साहिया के अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष भीमदत्त वर्मा, अनिल तोमर का कहना है कि सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक शिक्षक शिक्षिकाओं को अपने मूल स्कूलों में रहना चाहिए। यदि वह रोज अपने घर से अप डाउन कर रहे हैं तो उन्हें हाउस रेंट का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
जिन शिक्षकों ने अपनी जिम्मेदारी को नहीं समझा। ऐसे शिक्षक शिक्षिकाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी व दोनों खंड शिक्षा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। जांच कर ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। -डॉ. मुकुल कुमार सति, जिला शिक्षाधिकारी
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