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Rishikesh-Badrinath Highway: पागल नाला पर बनेगी सुरंग, केंद्र ने दी मंजूरी...सेना की आवाजाही भी होगी सुगम

Wed, 03 Jul 2024 01:18 PM IST
रेनू सकलानी प्रमोद सेमवाल, गोपेश्वर ( चमोली)

सार

पागल नाला में सुरंग निर्माण को लेकर बीते वर्ष सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है। अब इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है, जल्द ही यह काम भी पूरा हो जाएगा।
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बदरीनाथ हाईवे - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पीपलकोटी और जोशीमठ के बीच वर्षों से सुचारु यातायात में बाधक बने पागल नाला में अब सुरंग से वाहनों की आवाजाही होगी। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास) की ओर से भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को भेजे प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब विभागीय स्तर पर इसकी डीपीआर बनाई जा रही है।

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ऑलवेदर रोड परियोजना कार्य से बदरीनाथ हाईवे अधिकांश जगहों पर सुगम हो गया है, लेकिन पागल नाला में स्थिति नहीं सुधरी है। यहां पूर्व में सीमा सड़क संगठन और अब एनएचआईडीसीएल की ओर से जो भी सुरक्षात्मक उपाय किए गए, वे बरसात में बह गए। इस वर्ष टीएचडीसी की ओर से नाले में विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की सुरंग का मलबा डंप किया जा रहा है।

सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण कार्य गतिमान

इससे यहां हाईवे चौड़ा तो हो गया है, लेकिन अब बरसात में यहां मलबे के बह जाने और दलदल होने का खतरा बना हुआ है। एनएचआईडीसीएल के डीजीएम सुशील वर्मा ने बताया कि पागल नाला में सुरंग निर्माण को लेकर बीते वर्ष सड़क एवं परिवहन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल गई है।
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अब इसकी डीपीआर तैयार की जा रही है, जल्द ही यह काम भी पूरा हो जाएगा। सुरंग निर्माण में देरी नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल नाले का उपचार भी शुरू कर दिया गया है, ऊपरी साइड गेविंग वाॅल और नाली निर्माण कार्य किया जा रहा है, जबकि हाईवे के निचले हिस्से में मलबे की सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण कार्य गतिमान है। 

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सेना की आवाजाही भी होगी सुगम
बदरीनाथ हाईव नीती और माणा घाटी में चीन सीमा को जोड़ता है। इसी मार्ग से होते हुए सेना के वाहन जरुरी सामग्री को सीमा क्षेत्र में अग्रिम चौकियों तक पहुंचाते हैं। बरसात में पागल नाला के उफान पर आने से सेना की आवाजाही भी ठप पड़ जाती है। अब सुरंग निर्माण होने से सेना की आवाजाही भी सुगम हो जाएगी।

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25 साल से परेशानी का सबब बना है पागल नाला
पागल नाला में वर्ष 1999 से लगातार भूस्खलन हो रहा है। यहां पास ही स्थित टंगणी गांव के साथ ही कृषि भूमि पर भी भू-धंसाव का खतरा बना हुआ है। टीएचडीसी की ओर से यहां मलबे का भरान किया गया है, वाहनों की आवाजाही से यहां धूल उड़ रही है, जिससे यात्रियों व स्थानीय लोगों को परेशानी होती है।
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