पछवादून और जौनसार-बावर में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट बदल ली। दिनभर रुक-रुककर हुई बारिश और ठंडी हवाओं से जहां एक ओर वातावरण में सिहरन बढ़ गई है, वहीं खेतों में पककर तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उधर, चकराता में तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़कने से लोगों ने समय से पहले गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।विकासनगर, हरबर्टपुर, सहसपुर और सेलाकुई क्षेत्र में इन दिनों धान की फसल पूरी तरह पक चुकी है। इसी सप्ताह खेतों में कटाई का काम शुरू होना था, लेकिन अचानक आई बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। तेज हवा के कारण कई जगह धान की फसल खेतों में पूरी तरह बिछ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार ने बताया कि इस समय धान की बालियों में दाने पक चुके हैं, जिससे उनका वजन ज्यादा होता है। ऐसे में बारिश और हवा चलने से पौधों के गिरने का खतरा अधिक रहता है। यदि यह मौसम जारी रहा, तो किसानों को और ज्यादा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।जल्द बर्फबारी के आसार : सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम के इस ठंडे मिजाज को देखते हुए स्थानीय ग्रामीण अतर सिंह, सूरत सिंह और जगत सिंह आदि का कहना है कि इस बार सर्दियों में क्षेत्र में जल्द बर्फबारी होने की प्रबल संभावना बन गई है।