कोतवाली क्षेत्र की शिवलोक कॉलोनी में शनिवार शाम खुले सोख्ता गड्ढे में स्कूटर गिरने से सेवानिवृत सैन्यकर्मी प्रताप सिंह (60) की मौत हो गई। पसलियों में गंभीर चोट आने से उनके शरीर में आंतरिक रक्तस्त्राव हुआ था। स्थानीय सभासद अंकित जोशी का आरोप है कि पेयजल लाइन डालने के दौरान सोख्ता गड्ढों के जाल क्षतिग्रस्त हुए थे। वहीं कार्यदायी संस्था का कहना है कि सोख्ता गड्ढे नगर पालिका के हैं। कंपनी ने कार्य पूरा होने के बाद सड़क निर्माण करवा दिया था। विकासनगर नगर पालिका क्षेत्र के केसरबाग वार्ड के सभासद अंकित जोशी ने बताया कि शनिवार को शिवलोक कॉलोनी निवासी प्रताप सिंह स्कूटर से पास में ही रहने वाली बेटी के घर गए थे। वापस लौटते समय शाम करीब 5.30 बजे उनका स्कूटर खुले सोख्ता गड्ढे में गिर गया। स्कूटर का हैंडिल उनकी छाती से जोर से टकराया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और स्थानीय लोग उन्हें हरबर्टपुर स्थित लेहमन अस्पताल ले गए जहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। सभासद ने आरोप लगाया कि पेयजल लाइन बिछाने का कार्य कर रही कंपनी ईएमएस के भारी वाहनों के गुजरने के कारण सोख्ता गड्ढों के जाल क्षतिग्रस्त हुए थे। उन्होंने बताया कि गड्ढों पर फिर से जाल नहीं लगाया गया, इसी कारण दुर्घटना हुई। उन्होंने बताया कि सोख्ता गड्ढों की गहराई काफी है। उनमें कोई बच्चा भी खेलते हुए गिर सकता है। पूर्व सभासद शम्मी प्रकाश ने आरोप लगाया कि ईएमएस कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण बुजुर्ग व्यक्ति की असमय मौत हुई है। उन्होंने बताया कि कंपनी अव्यवस्थित रूप से खोदाई का कार्य कर रही है, जिससे आम लोगों को असुविधा हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। यूयूएसडीए के परियोजना प्रबंधक अमित सैनी ने बताया कि कंपनी ने पेयजल लाइन बिछाने के बाद सड़क का निर्माण भी करवा दिया था। सोख्ता गड्ढे नगर पालिका की ओर से बनाया गया है। इनकी देखरेख का काम नगर पालिका का है।