दून अस्पताल में सीनियर डॉक्टरों की रात्रि ड्यूटी पर न रहने के आरोप के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उनकी जिम्मेदारी तय कर दी है। सीनियर डॉक्टरों को प्रत्येक वार्ड का शेड्यूल तय कर उन्हें नियमित रूप से वार्ड का निरीक्षण करने व भर्ती मरीजों के उपचार के संबंध में जांच करने के निर्देश दिए हैं। बिना बताए अवकाश पर जाने से भी रोक लगा दी गई है।
दरअसल, मंगलवार रात को दून अस्पताल में एक युवती की मौत हो गई थी। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। आरोप लगा था कि अस्पताल और मरीज रात में जूनियर डॉक्टरों के हवाले रहता है। कोई भी सीनियर डॉक्टर न रात को रहता है और न ही मरीजों को देखने आता है। आरोप के बाद शनिवार को प्राचार्य आशुतोष सयाना के निर्देश पर चिकित्सा अधीक्षक दून मेडिकल कॉलेज डॉ. अनुराग अग्रवाल ने सीनियर डॉक्टरों का शेड्यूल तय कर उन्हें ओपीडी, ओटी, इंमरजेंसी की जिम्मेदारी दी। निर्देश दिए कि शेड्यूल के तहत सभी सीनियर डॉक्टर आवंटित वार्ड का नियमित निरीक्षण करेंगे और वहां भर्ती मरीजों के चिकित्सा व उपचार की निगरानी करेंगे। बिना बताए अवकाश की अनुमति नहीं है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि अस्पताल में मरीजों को अच्छा उपचार मिले इसके लिए यह जिम्मेदारी तय की गई है।
आठ और डेंगू के मरीज आए सामने, संख्या पहुंची 1031
डेंगू का डंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को आठ और डेंगू के मरीज सामने आए हैं। इनमें से एक मरीज छिद्दवाला, एक बल्लूपुर, एक गढ़ी कैंट, एक सुभाष नगर, एक इंदिरा नगर, एक चंदर नगर, एक क्लेमेंटटाउन व एक मरीज प्रेमनगर क्षेत्र का है। सभी को अलग-अलग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अब दून में डेंगू मरीजों की संख्या 1031 पहुंच गई है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने 904 मरीजों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे।