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Dehradun News: पूर्व सैनिकों के अधिकारों की लड़ाई आखिरी सांस तक लड़ने का संकल्प

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गौरव सेनानी एसोसिएशन उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं पूर्व अर्धसैनिक का सातवां स्थापना दिवस रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ मनाया गया। इस दौरान वीर नारियों को सम्मानित भी किया गया। एसोसिएशन ने संकल्प लिया कि पूर्व सैनिकों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई को अंतिम सांस तक लड़ा जाएगा।
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रविवार को बड़ोवाला स्थित एक फार्म में स्थापना दिवस समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप रावत ने किया। इसके बाद शहीदों के लिए दो मिनट का मौन रखा गया और राष्ट्रगान गाया गया। उपाध्यक्ष मनवर सिंह रौथाण ने एसोसिएशन की उपलब्धियों के बारे में बताया। प्रवक्ता खुशाल सिंह परिहार ने ओआरओपी और एमएसपी की विसंगतियों के संबंध में जागरूक किया। द वाइस ऑफ एक्स सर्विसमैन सोसायटी के चेयरमैन वीर बहादुर ने सभी से छह अगस्त को दिल्ली में जुटने की अपील की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष महावीर राणा ने कहा, सैनिक बाहुल्य राज्य में सैनिकों की अनदेखी बरदाश्त नहीं की जाएगी। पूर्व सैनिक-अर्द्धसैनिक संगठन के महासचिव पीसी थपलियाल ने कहा, अब समय आ गया जब पूर्व सैनिकों को राज्य बचाने की लड़ाई में भी अपनी भूमिका निभानी चाहिए। पहाड़ हमारे हाथों से खिसकता जा रहा है। इस दौरान 250 पूर्व सैनिकों ने संगठन की सदस्यता ली।
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मुख्य अतिथि कुलदीप रावत ने संगठन को 50 हजार की राशि देकर संगठन के सिपाही के रूप में कार्य करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का संचालन कोषाध्यक्ष गिरीश जोशी ने किया। दस दौरान पूर्व आईएएस एसएस पांगती, चंचल शाही, देवी दत्त, विशन दत्त हरीश विरमानी, भूपेंद्र डोगरा, सत्य प्रकाश डबराल, प्रेम सिंह भंडारी, विरेंद्र कंडारी, विनोद सिंह, भरत बुटोला, राजेंद्र, गौतम रमोला, विक्रम सिंह, मनवर सिंह आदि मौजूद रहे।

बैठक में बनी ओआरओपी को लेकर रणनीति
देहरादून। राजस्थान में आयोजित फेडरेशन ऑफ वेटरंस की बैठक में उत्तराखंड से पूर्व सैनिक संघर्ष समिति देवभूमि के सभी संगठनों के अध्यक्ष और सचिवों ने भाग लिया। इस दौरान ओआरओपी को लेकर 23 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर होनी वाली रैली को लेकर चर्चा की गई। बैठक में युद्ध के दौरान जख्मी हुए देहरादून के हवलदार दिगंबर सिंह बिष्ट (सेना मेडल) को सम्मानित किया गया। कैप्टन आलम सिंह बंडारी, कैप्टन भगत सिंह राना, कैप्टन बीरेंद्र सिंह बिष्ट, सूबेदार मेजर जयपाल सिंह रावत, सूबेदार सुरेश पुंडीर, पूर्व सैनिक संघर्ष समिति देवभूमि उत्तराखंड के अध्यक्ष राजपाल सिंह रावत ने भी विचार रखे। मा.सि.रि.
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