डालनवाला इंस्पेक्टर मणिभूषण श्रीवास्तव ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। उनका कहना था कि परेड ग्राउंड में धरना देना प्रतिबंधित है। यदि उन्हें धरना देना है तो वे अधोईवाला रायपुर जा सकते हैं।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे ने बताया कि पुलिस के समझाने के बावजूद ये लोग नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने शांति भंग के आरोप में दौलत कुंवर और उसके चार साथियाें को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
उधर उत्तराखंड संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के प्रदेश सह संयोजक संदीप कुमार पाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के काले फैसले के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन करने पर पुलिस ने बर्बरता से लोगों और महिलाओं को सड़क पर घसीटा, जिसमें कई को चोटें आई हैं। उन्हाेंने कहा कि प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने के खिलाफ लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।