दून अस्पताल में डिजिटल मेमोेग्रॉफी मशीन लगने के बाद भी मरीजों को ब्रेस्ट कैंसर की सही रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है। मरीज को ब्रेस्ट कैंसर था लेकिन रिपोर्ट सामान्य बताई जा रही है। डॉक्टरों ने जांच की दूसरी प्रक्रिया अपनाई तो ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई। इस तरह के चार-पांच मामले सामने आने के बाद मेमोेग्रॉफी की जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, अस्पताल प्रबंधन ने रिपोर्ट बनाने वाली संस्था को नोटिस भेजा है।
दून अस्पताल में डिजिटल मेमोेग्रॉफी मशीन लगाने के बाद दावा था कि इससे ब्रेस्ट कैंसर की जांच आसान होगी। किसी महिला के ब्रेस्ट में अगर एक सेंटीमीटर से कम की गांठ है तो भी इसका पता लगाया जा सकेगा।लेकिन, फिलहाल ऐसा नहीं हो रहा है। दून अस्पताल के डिप्टी एमएस डॉ. धनंजय डोभाल ने बताया, एक निजी संस्था से टाईअप किया गया है। उसे मेमोेग्रॉफी की रिपोर्ट ऑनलाइन भेजी जाती है। इसके बाद वहां से ऑनलाइन रिपोर्ट आती है। वहां जो रेडियोलॉजिस्ट देख रहा है, वह गलत रिपोर्ट दे रहा है। रिपोर्टिंग गलत होने पर संबंधित संस्था से कहा गया है कि या तो रेडियोलॉजिस्ट बदलें या फिर उसे बताएं कि रिपोर्ट गलत आ रही है। इस संबंध में बात करने के लिए संस्था के अधिकारियों को बुलाया भी गया है।
13 जुलाई को हुआ था मशीन का उद्घाटन
13 जुलाई को मेमोेग्रॉफी मशीन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने किया था। हालांकि, मशीन से जांच 30 मई से ही शुरू हो गई थी। इससे अब तक करीब 50 मेमोेग्रॉफी हो चुकी है। डॉ. डोभाल का कहना है कि मशीन में कोई खराबी नहीं है। रिपोर्ट ही गलत आ रही है।
पैथेलॉजिकल टेस्ट
डॉ. डोभाल ने बताया, मेमोेग्रॉफी की रिपोर्ट में कैंसर का शक था लेकिन जब रिपोर्ट सामान्य आई तो एफनेसी जांच कराई गई। यह पैथोलॉजिकल टेस्ट है। इसमें गांठ की सेल्स को सुई से निकाला जाता है। इसके बाद जांच में पता चलता है कि कैंसर है या नहीं। अगर कैंसर है तो स्थिति क्या है।
केस 1
50 वर्षीय महिला के बाएं ब्रेस्ट में गांठ थी। महिला ने दून अस्पताल के डॉक्टर को दिखाया तो शुरुआती जांच के बाद मेमोेग्रॉफी की सलाह दी गई। मेमोेग्रॉफी की रिपोर्ट सामान्य बताई गई जबकि एफनेसी जांच में ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई।
केस-2
53 वर्षीय महिला के दोनों ब्रेस्ट में गांठ थी। महिला ने दून अस्पताल के डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने कैंसर की आशंका जताते हुए मेमोेग्रॉफी के लिए कहा। इसकी रिपोर्ट सामान्य आई जबकि एफनेसी जांच में ब्रेस्ट कैंसर का पता चला।