भारत सरकार के केंद्रीय जल आयोग की देश के बैराज और डैम की हालत सुधारने की योजना के तहत पछवादून के आसन और डाकपत्थर बैराज के अलावा इच्छाड़ी बांध की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। अधिकारियों का मानना है कि मरम्मत के बाद डैम और बैराज को तकनीकि रूप से काफी हद तक मजबूती मिलेगी।
पछवादून की जल विद्युत परियोजनाओं का निर्माण साठ के दशक में हुआ था। बांध, बैराज और इससे संबंधित पुलों का दो साल पहले केंद्रीय जल आयोग की टीम ने निरीक्षण किया था। इस दौरान पुलों की स्थिति सुधारने और बैराज के फर्श आदि की मरम्मत की आवश्यकता बताई थी। इसके तहत पुलों व फर्श आदि की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है।
जलविद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अभय सिंह ने बताया कि बैराज के फर्श और पुलों की रेलिंग, उनके निचले हिस्से को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है। मरम्मत के कार्य केंद्रीय जल आयोग की टीम के दिशा-निर्देशन में कराए जा रहे हैं।