कहीं बिजली पैदा करो, कहीं बिल में एडजस्ट करो
नियामक आयोग ने पहली बार राज्य में वर्चुअल नेट मीटरिंग व ग्रुप नेट मीटरिंग की शुरुआत की है। संयुक्त सचिव गौरव सभरवाल ने बताया कि वर्चुअल नेट मीटरिंग के तहत अगर कोई व्यक्ति बागेश्वर में अपने गांव की जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली पैदा कर रहा है तो वह देहरादून में अपने उद्योग या घर में उस बिजली को एडजस्ट करा सकता है। इसी प्रकार, गांव में पांच-सात लोग मिलकर अपना सोलर प्लांट लगा सकते हैं और अपने-अपने घर की बिजली में उसे एडजस्ट कर सकते हैं।
पावर बैंकिंग भी हुई सस्ती
नियामक आयोग ने उद्योगों को भी बढ़ी राहत दी है। अभी तक बची हुई बिजली को यूपीसीएल में बैंक करने पर उन्हें 12.5 प्रतिशत का खर्च देना होता था जो कि घटाकर आठ प्रतिशत कर दिया गया है। नियामक आयोग के मुताबिक, अगर यूपीसीएल में कोई उद्योग 100 यूनिट बिजली बैंक करेगा तो उसमें से आठ प्रतिशत काटकर बाकी लौटा देगा। 92 यूनिट वापस मिलेगी।
सोलर प्लांट की कोस्ट घटी, लेकिन मेंटिनेंस बढ़ा
नियामक आयोग ने नए सोलर प्लांट की कोस्ट तो मामूली कम की है लेकिन इसका ऑपरेशन व मेंटिनेंस बढ़ा दिया है। यह राज्य में 16 लाख रुपये प्रति मेगावाट होगा, जो हिमाचल व अन्य राज्यों से ज्यादा है।