पछवादून क्षेत्र में बुधवार को आंधी के बाद झमाझम बारिश से मौसम ठंडा हो गया। लोगों को गर्मी से राहत मिली। तेज आंधी ने विद्युत आपूर्ति को प्रभावित कर दिया। कई जगहों पर विद्युत लाइनों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं। चकराता और साहिया में साढ़े छह घंटे तक बिजली नहीं आई। कालसी में खबर लिखे जाने तक विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी। विकासनगर में करीब चार घंटे तक तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बारिश को फसलों के बारिश को संजीवनी माना जा रहा है।
पछवादून क्षेत्र और जौनसार बावर में बुधवार दोपहर एक बजे आसमान में काले बादल छा गए। कुछ ही देर में आंधी चलने लगी। हवा इतनी तेजी थी सड़कों पर धूल का गुबार उठने लगा। राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना मुश्किल हो गया। बड़े-बड़े फ्लैक्स और बोर्ड तेज हवा में उड़ कर नीचे गिर गए। करीब सवा दो बजे हल्की बारिश शुरू हुई। करीब तीन बजे तेज हवा के साथ झमाझम बारिश होने लगी। आंधी चलने के साथ विकासनगर, सहसपुर, हरबर्टपुर, डाकपत्थर और बाढ़वाला में करीब दो दर्जन स्थानों पर विद्युत लाइनों पर पेड़ और टहनियां गिरने से फॉल्ट आने के कारण आपूर्ति बंद हो गई। विकासनगर, चकराता, साहिया, कालसी, त्यूणी क्षेत्र में डेढ़ बजे बिजली गुल हुई थी। विकासनगर में चार घंटे और चकराता व साहिया में साढ़े छह घंटे बाद बाद आठ बजे विद्युत आपूर्ति बहाल हुई। वहीं, पछवादून और जौनसार बावर में सूखे की मार झेल रहे किसानों की फसलों को नया जीवन मिला है। कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के प्रभारी डॉ. एके शर्मा ने बताया कि बारिश नकदी और खरीफ की फसलों के लिए फायदेमंद होगी। बताया कि मानसून से पहले बारिश होने से क्षेत्र में सूखे की स्थिति समाप्त हुई है।