रिमांड के तीसरे दिन पुलिस रजिस्ट्री फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड केपी को सहारनपुर ले गई। वहां पुलिस ने उसके ठिकाने से सालों पुराने स्टांप बरामद किए हैं। उसने इन स्टांपों को देहरादून और सहारनपुर के स्टांप वेंडरों से खरीदा था। पुलिस बरामद स्टांप के बारे में और जानकारी जुटा रही है।
दरअसल, रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा करने के लिए 30 से 50 वर्ष पुराने स्टांप पेपर का इस्तेमाल हुआ। ताकि, इन्हें उसी वक्त के बैनामे के तौर पर दर्शाया जा सके। इन्हीं के आधार पर पुराने मूल बैनामों की प्रतियां जलाकर नष्ट कर दी गईं और इन स्टांप को लगाकर नए दस्तावेज बना लिए गए। इतनी बड़ी संख्या में 1970 से 1990 के बीच प्रचलन में रहे ये स्टांप कहां से खरीदे थे, इसकी जानकारी केपी सिंह ही दे सकता है। ऐसे में पुलिस ने उसकी कस्टडी रिमांड ली है।
सूत्रों के मुताबिक रिमांड के तीसरे दिन पुलिस उसे सहानपुर के ठिकाने पर ले गई। बताया जा रहा है पुलिस ने उसके ठिकाने से सालों पुराने स्टांप बरामद किए हैं। पुलिस यह स्टांप कहां से खरीदे, कितने में खरीदे, इसके लिए केपी से पूछताछ कर रही है।