उत्तराखंडी संस्कृति और आत्मनिर्भर उत्तराखंड को बढ़ावा देने के उद्देश्य से टिहरी जिले के निवासी रवि रावत ने दून में पहाड़ी होटल खोला है। इसके लिए रवि ने विदेश की लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी छाेड़ दी।
अमर उजाला से बातचीत में रवि ने बताया, वह उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार देना चाहते हैं। साथ ही उत्तराखंड में विलुप्त हो रही पारंपरिक संस्कृति को बचाने के लिए भी काम कर रहे हैं। बताया, इससे पहले दिल्ली में एक एमएनसी में काम करने के बाद दून में कोचिंग सेंटर चलाया, लेकिन इन सबके बीच वह प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण और उसे बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पहाड़ी होटल खोला।
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रवि के पिता लंदन में शेफ हैं। ऐसे में होटल इंडस्ट्री में काम करने की प्रेरणा उन्हें पिता से मिली। अपने होटल में राज्य के युवाओं को रोजगार देने के साथ रवि उत्तराखंड की लोक कला, संस्कृति एवं व्यंजन और अन्य पकवानों को बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर कार्यक्रम भी आयोजित कर रहे हैं। जबकि, होटल में आने वाले लोगों को पहाड़ी खाना खिलाने के साथ वह उन्हें उसकी खूबियां भी बता रहे हैं।