करीब 253 करोड़ रुपये की लागत से राजधानी दून में बना राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम खेलने के नहीं बल्कि नाचने-गाने के लिए बना है। बीते आठ वर्षों से इस मैदान में खेल के आयोजन कम सांस्कृतिक कार्यक्रम ज्यादा आयोजित हुए हैं। इस मैदान में करीब तीन महीने के अंतराल के बाद क्रिकेट के सितारों का जमावड़ा लगना था, लेकिन उसे ठीक एक सप्ताह पहले रद्द कर दिया गया।
23 फरवरी से बोर्ड फॉर वेटरन क्रिकेट इन इंडिया (बीवीसीआई) की ओर से आयोजित होने वाले इंडियन वेटरन प्रीमियर लीग (आईवीपीएल) को रद्द कर दिया गया है। आयोजकों से मिली जानकारी के अनुसार अब यह लीग नोएडा में आयोजित की जाएगी। जबकि 11 फरवरी को ही इस मैदान में पंजाबी गायक किंग का लाइव संगीत समारोह का आयोजन किया गया था।
Iखिलाड़ियों को नहीं मिला स्टेडियम का लाभI
बीते आठ वर्षों में प्रदेश के खिलाड़ियों को स्टेडियम का कोई लाभ नहीं मिला। स्टेडियम में अभ्यास करने के लिए कई बार खिलाड़ी सरकार से मांग भी कर चुके हैं। 23 एकड़ जमीन पर बने 25000 सीटों की क्षमता वाले इस स्टेडियम को अफगानिस्तान की टीम ने अपना होम ग्राउंड बनाया था। लेकिन सुविधाएं न मिलने के चलते एक साल बाद ही अफगानिस्तान ने अपना होम ग्राउंड बदल दिया था।
Iसरकार के हाथ में आने से खिलाड़ियों को मिलेगी सुविधाI
सरकार के हाथ में आने से खिलाड़ियों को मिलेगी सुविधा वर्षों बाद स्टेडियम के संचालन का जिम्मा सरकार के पास आने के बाद खिलाड़ियों को यहां खेलने की सुविधा मिल सकती है। प्रदेश के खिलाड़ी यहां अभ्यास कर सकते हैं। इसके अलावा यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट आयोजित होने से उत्तराखंड के खिलाड़ियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।